अर्थव्यवस्था और आजीविका ( Arthavyavastha Aur Ajivika) Subjective Question 

अर्थव्यवस्था और आजीविका

Social Science Class 10th Question Answer :- अर्थव्यवस्था और आजीविका ( Arthavyavastha Aur Ajivika) Subjective Question दोस्तों यहां पर मैट्रिक परीक्षा 2023 सामाजिक विज्ञान सोशल साइंस क्लास 10th का इतिहास का सब्जेक्टिव क्वेश्चन आंसर दिया गया है एवं इसमें अर्थव्यवस्था और आजीविका का लघु उत्तरीय प्रश्न तथा अर्थव्यवस्था और आजीविका का दीर्घ उत्तरीय प्रश्न दिया गया है तो इसे आप लोग शुरू से लेकर अंत तक एक बार अवश्य पढ़ें और इस वेबसाइट पर आपको अर्थव्यवस्था और आजीविका का ऑब्जेक्टिव क्वेश्चन आंसर भी मिल जाएगा।

 . अर्थव्यवस्था और आजीविका
⇒  औद्योगिकीकरण ने एक नए तरह के मजदूर वर्ग को जन्म दिया।
⇒  औद्योगीकरण ने स्लम पद्धति की शुरुआत की |
⇒  चार्टिस्ट आंदोलन की शुरुआत इंग्लैंड की राजधानी लंदन से हुई।
⇒  इंग्लैंड के सभी स्त्री-पुरुष जो व्यस्क थे, को मताधिकार देने का अधिकार 1918 में मिला।
⇒  पहला फैक्ट्री एक्ट 1881 ई० में पारित हुआ।
⇒ अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस की स्थापना अक्टूबर 1920 में लाला लाजपत राय ने की थी।
⇒  अंतरराष्ट्रीय श्रमिक संघ 1926 में पारित हुआ।
⇒  1942 में भारत छोड़ो आंदोलन हुआ।
⇒  सन 1948 में न्यूनतम मजदूरी कानून पारित हुआ
⇒ तीसरी पंचवर्षीय योजना में मजदूर बोर्ड की स्थापना हुई | आयोग की स्थापना की।
⇒  1962 में केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय श्रम स्थापना की।
⇒  6 अप्रैल 1948 को औद्योगिक नीति केप्रोत्साहित किया गया था।
⇒  1950 ई० के बाद संपूर्ण विश्व में अग्रणी औद्योगिक शक्ति समझा जाने वाला ब्रिटेन अपने प्रथम स्थान से वंचित हो गया था।
⇒  1813 ई०एक शक्तिशाली भट्टी का आविष्कार किया था
⇒ में ब्रिटिश संसद द्वारा चार्टर एक्ट पारित किया गया था चार्टर एक्ट
⇒ से ईस्ट इंडिया कंपनी का एकाधिकार समाप्त हो गया।
⇒  1851 ई० में मुंबई में पहली सूती मिल की स्थापना हुई थी ई० मेंने
⇒ में सूती कपड़ा तैयार करने वाली आधुनिक कारखाने का निर्माण कावर जी नाना जी दाभर ने की |
⇒  स्वेज नहर के स्थापना 1869 में मुंबई में हुई थी।
⇒  सन 1895 ई० से 1914 ई० के बीच सूती मिलों की संख्या 144 हो गई थी।
⇒  1917 में देश की पहली जूट मिल की स्थापना कोलकाता में हुई थी
⇒  सन 1907 में जमशेद जी टाटा ने टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी की स्थापना
⇒ की थी| टाटा हाइड्रो इलेक्ट्रॉनिक पावर स्टेशन की स्थापना 1910 ई० हुई थी |
⇒ 1955 में भिलाई राउरकेला और दुर्गापुर में इस्पात कारखाना रूस की सहायता से खोला गया था।
⇒ वर्तमान में भारत में कुल 7 स्टील प्लांट है।
हीरापुर
राजस्थान
झारखंड
जमशेदपुर
भद्रावती
राउरकेला
कर्नाटक
उड़ीसा
भिलाई
⇒ भारत में 1814 ई० में कोयला उद्योग प्रारंभ हुआ था। सन् 1850-60 के
⇒ पश्चात नील, चाय, कॉफी, रबड़ और पटसन मिलों की स्थापना
⇒ सरकार ने एक औद्योगिक आयोग नियुक्त किया।
⇒ सन 1750 ई० तक ब्रिटेन मुख्य रूप से कृषि प्रधान देश था।
⇒  1770 ई० में जेम्स हरग्रीव्स ने सूत काटने की मशीन
आविष्कार किया था।
⇒ 1773 ई० में लंका शायर के जॉन के ने फ्लाइंग
का आविष्कार किया था
⇒ सन् 1779 ई० में सैम्युल काम्पटन ने स्पिनिंग म्यूल का आविष्कार किया था
⇒  1785 ई० में एडमंड कार्टराइट ने वाष्प से चलने वाला पावरलुम बनाया था।
सफ्टी
⇒ सन् 1815 ई० मेंजन का आविष्कार किया था।
⇒ सन् 1815लैंप का आविष्कार किया था |
⇒ 1924 ई० टिन, कागज, उद्योग, केमिकल उद्योग और चीनी उद्योग की स्थापना
⇒ 1930 के दशक में सीमेंट और शीशा उद्योग की स्थापना हुई।
⇒ य विश्वयुद्ध के बाद अमेरिका भारत के व्यापार का एक मुख्य साझेदार हो
 भारतीय रिजर्व बैंक. 1935
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया. 1955
पंजाब नेशनल बैंक. 1895
बैंक ऑफ इंडिया. 1906
यन बैंk. 1907
⇒ 1850 से 1910 के बीच भारत में वस्त्र उद्योग, लौह उद्योग, सीमेंट उद्योग, कोयला उद्योग जैसे कई उद्योग का विकास हुआ।

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न 

प्रश्न-1  फैक्ट्री प्रणाली के विकास के किन्हीं दो कारणों को बताएं ।
उत्तर- फैक्ट्री प्रणाली के विकास के निम्नलिखित दो कारण यह है ।
(i) नए-नए मशीनों का आविष्कार- फैक्टरियों में नए नए हुआ मशीनों प्रयोग से फैक्टरी प्रणाली का विकास है ।
(ii) कोयला एवं लोहे की प्रचुरता- लौहे से विभिन्न मशीनों का निर्माण तथा इसे चलाने के लिए ईंधन के विकास रूप में कोयले का उपयोग करने से फैक्ट्री प्रणाली का हुआ ।


Q-2  बुर्जुआ वर्ग की उत्तपति  कैसे हुई ?
उत्तर- बुर्जुआ वर्ग की उत्पत्ति औद्योगिकरण के फलस्वरूप ब्रिटिश सहयोग से भारत के उद्योगों में पूंजी लगाने से हुई, बाद में यही वर्ग अंग्रेजों की औपनिवेशिक एवं शोषणकारी नीति के खिलाफ हो गए |


प्रश्न -3  18 वीं शताब्दी में भारत के मुख्य उद्योग कौन कौन से थे?
उत्तर 18 वीं शताब्दी में भारत के मुख्य उद्योग निम्नलिखित था । वस्त्र उद्योग, चाय उद्योग, जुट उद्योग, आदि ।


प्रश्न-4  निरूद्योगीकरण से आप क्या समझते हैं?
उत्तर- औद्योगीकरण के फलस्वरुप बड़े-बड़े उद्योगों का विकास तो हुआ लेकिन दूसरी और छोटे- छोटे एवं कुटीर उद्योग समाप्त हो रहे थे । उद्योगीकरण के साथn साथ इन कुटीर उद्योगों का समाप्त होना ही निरूद्योगीकरण कहलाता हैं । बड़े-बड़े उद्योगों से मूल्य में वस्तुओं को बाजार में उपलब्ध नहीं करा पाने के कारण ही कुटीर उद्योग समाप्त हो रहा था!


प्रश्न-5 औद्योगिक आयोग की नियुक्ति कब हुई?इसके क्या उद्देश्य थे?
उत्तर- औद्योगिक आयोग की नियुक्ति 1916 ई 0 में हुई थी । उद्योगिक आयोग का उद्देश्य- भारतीय उद्योग तथा व्यापार के वित्त से संबंधित उन क्षेत्रों का पता . लगाना जिसे सरकार सहायता दे सके ताकि भारतीय योग एवं पार 0:00/3 का:17 विकास हो एवं लोगों O को यहाँ रोजगार मिले 


लघु उत्तरीय प्रश्न 

प्रश्न-1  औद्योगीकरण से आप क्या समझते हैं?
उत्तर- औद्योगीकरण एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके अंतर्गत वस्तुओं का उत्पादन मानव श्रम द्वारा न होकर मशीनों के द्वारा होती हैं । उए-नए मशीनों एवं यंत्रों के आविष्कार के साथ उद्योगीकरण प्रारंभ हुआ । इसमें मशीनों के द्वारा बड़े पैमाने में कम लागत पर वस्तुओं का उत्पादन किया जाता हैं,जिसके कारण आज कम से कम मूल्य पर वस्तुएँ बाजार में उपलब्ध है ।


प्रश्न-2 औद्योगीकरण ने मजदूरों की आजीविका को किस तरह प्रभावित किया?
उत्तर- औद्योगीकरण के परिणामस्वरूप बड़े- बड़े कारखानों का स्थापना किया गया है । इन कारखानों में काम करने आए मजदूरों से अधिक काम करवाया जाता जिससे और इस बदले मजदूरों में मजदूरी काफी कम दिया जाता है । की स्थिति दयनीय हो गया । अतःएक ओर मजदूरों को रोजगार तो मिला लेकिन दूसरी और इन पर औद्योगीकरण का प्रतिकूल प्रभाव पड़ा 


Q 3-स्लम पद्धति की शुरुआत कैसे हुई ?
उत्तर- औद्योगीकरण के बाद शहरों में बड़े-बड़े फैक्ट्री लगाए गए जिस में काम करने वाले मजदूरों को ग्रामीण क्षेत्रों से लाया गया इन मजदूरों के रहने के लिए कोई खास प्रबंध नहीं किया गया। जिसके कारण यह मजदूर फैक्ट्री के आसपास रहने लगे। जहां उनके लिए न अच्छा पानी, ना बिजली और ना ही सफाई इत्यादि थी इस प्रकार से स्लम पद्धति या स्लम बस्ती की शुरुआत हुई।


Q. 4 न्यूनतम मजदूरी कानून कब पारित हुआ और इसका क्या
उत्तर- न्यूनतम मजदूरी कानून 1948 ई० में पारित हुआ। इसका उद्देश्य मजदूरों को कम-से-कम इतनी मजदूरी मुहैया करवाना था जिससे कि मजदूरों का पेट चलकर कुछ पैसा बच भी सके |


प्रश्न-5  कोयला एवं लौह उद्योग ने औद्योगीकरण को गति प्रदान की,म कैसे?
उत्तर- कोयला एवं लौह उद्योग ने औद्योगीकरण को गति प्रदान किया क्योंकि
(i) औद्योगीकरण के दौरान नए-नए मशीनों एवं यंत्रों का आविष्कार हुआ और इनके निर्माण के लिए लौहे का उपयोग किया गया । के रूप में में इन मशीनों चलाने के लिए इंधन के रूप मई कोयल का उपयोग किया जाता है  इस प्रकार कोयला एवं लौह उद्योग औद्योगीकरण को गति प्रदान किया ।


दीर्घ उत्तरीय प्रश्न 

प्रश्न- 1 औद्योगीकरण के कारणों का उल्लेख करें ।
उत्तर- औद्योगीकरण के निम्नलिखित कारण है ।
(i) आवश्यकता आविष्कार की जननी- लोगों को विभिन्न प्रकार के वस्तुओं की आवश्यकता हुई जिससे नए-नए वस्तुओं का आविष्कार हुआ । इन वस्तुओं के
निर्माण के लिए उद्योगों का स्थापना किया गया ।
(ii) नए-नए मशीनों का आविष्कार:- नए-नए मशीनों के प्रयोग से उद्योगों में कम लागत एवं बड़े पैमाने पर वस्तुओं का निर्माण होने लगा ।
(iii) लौह एवं कोयला की प्रचुरता- लौहे से विभिन्नमशीनों का निर्माण तथा इसे चलाने के लिए ईंधन के रूप में कोयले का उपयोग किया जाना ।
(iv) विशाल उपनिवेश:- उपनिवेशों में कच्चामाल सस्ते दामों में प्राप्त होना तथा उत्पादित वस्तुओं को वहां के बाजारों में महंगे दामों पर बेचना ।
(v) सस्ते श्रम की उपलब्धता:- इससे कम लागत में वस्तुओं का उत्पादन होने लगा ।
(vi) यातायात की उपलब्धता- कच्चामाल तथा उत्पादित वस्तुओं को एक स्थान से दूसरे स्थान तक लाने अथवा ले जाने की सुविधा का होगा । 


प्रश्न- 2 औद्योगीकरण के परिणाम स्वरूप होने वाले परिवर्तन पर प्रकाश डालें ।
उत्तर- औद्योगीकरण के परिणाम स्वरूप निम्न परिवर्तन हुआ ।
(i) उद्योगों का विकास- नए-नए कारखानों का स्थापना तीव्र गति से होने लगा और इन उद्योगों में कम लागत एवं बड़े पैमान्छे पर जस्तुओं का उत्पादन होने
(ii) समाज में वर्ग विभाजन- समाज तीन वर्ग में विभाजित हो गया पूंजीपति वर्ग, बुर्जुआ वर्ग(माध्यम -वर्ग) तथा मजदूर वर्ग । जन्म- कटीर उगो चलाने
(iii) कारखाना मजदूरों का जन्म कुटीर उद्योगों चलाने वाले, गाँव के छोटे-छोटे किसान एवं कृषक मजदूर बड़े कारखानों के मजदूर बन गए ।
(iv) स्लम पद्धति की शुरुआत- बड़े कारखानों के मजदूर वर्ग शहर में छोटे-छोटे कमरों में रहने लगा और स्लम पद्धति की शुरुआत हुई ।
(v) नगरों का विकास- औद्योगीकरण के अंतर्गत कारखानों के स्थापना से गांव के लोग इन कारखानों में काम करने के लिए आए और यही आस पास रहने लगे जिससे नगरों का विकास हुआ ।


 

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