उपभोक्ता जागरण एवं संरक्षण का सब्जेक्टिव क्वेश्चन आंसर ( Upabhokta Jaagaran evan Sanrakshan Subjective Question Answer )

उपभोक्ता जागरण एवं संरक्षण का सब्जेक्टिव

दोस्तों मैट्रिक परीक्षा 2023 का तैयारी करना चाहते है तो यहाँ पर (Social Science) सामाजिक विज्ञान का क्वेश्चन आंसर दिया गया है जिसमें अर्थशास्त्र (Economics) का उपभोक्ता जागरण एवं संरक्षण का सब्जेक्टिव क्वेश्चन आंसर ( Upabhokta Jaagaran evan Sanrakshan Subjective Question Answer ) दिया गया है तथा सामाजिक विज्ञान का मॉडल पेपर ( Social Science Model Paper 2023 ) भी दिया गया है और आपको सोशल साइंस का ऑब्जेक्टिव क्वेश्चन आंसर उपभोक्ता जागरण एवं संरक्षण ऑब्जेक्टिव क्वेश्चन आंसर ( Upabhokta Jaagaran evan Sanrakshan Objective Question Answer ) आपको इस वेबसाइट पर आसानी से मिल जाएगा।

 उपभोक्ता जागरण एवं संरक्षण

⇔राज्य मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट के अवकाश प्राप्त प्रधान न्यायाधीश होते हैं।
⇔उपभोक्ता द्वारा शिकायत करने में कोई शुल्क नहीं लगता है।
● एक आम आदमी को किसी वस्तु की सूचना 30 दिनों के
सूचना का अधिकार कानून 2005 में लाया गया था।
⇔20 लाख से कम होने पर शिकायत जिला फॉर्म में
कम होने पर शिकायत राज्य आयोग में

अनुसार ग्राहक हमारी दुकान में आने वाला सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति है हम पर निर्भर नहीं हम उन पर निर्भर है।
पभोक्ता जागरण के प्रमुख नारे “जागो ग्राहक जागो है
⇔सोने की आभूषनों की शुद्धता के लिए हॉल मार्क का उपयोग होता है। खाने वाली वस्तुओं(खाद्य सामग्रियों) पर एक मार्क लगा होता है।
⇔उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 में लाया गया है।
⇔राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर 1800-11-4000 है |
कुल 1500 वस्तुओं पर एक मार्क है।
⇔राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय आयोग, राज्य स्तर पर राज्य आयोग एवं जिला स्तर पर जिला फॉर्म
देश में 582 जिला फॉर्म एवं 35 राज्य आयोग है ।
⇔राष्ट्रीय आयोग में शिकायत किया जाता है।
⇔उपभोक्ता अधिकार दिवस 15 मार्च को मनाया जाता है।
⇔अंदर मिल जाती है। लाख से अधिक एक करोड़ से
⇔एवंशक करोड़ से अधिक की वस्तु होने पर

लघु उत्तरीय प्रश्न 

प्रश्न.1- आप किसी खाद्य पदार्थ संबंधी वस्तुओं को खरीदते
समय कौन-कौन सी मुख्य बातों का ध्यान रखेंगे?बिंदुवार
उल्लेख करें ।
उत्तर- निम्नलिखित बातों को ध्यान में रखते हुए खाद्य पदार्थ संबंधी वस्तुओं को खरीदना चाहिए ।
(i) अवयवों की सूची ।

(ii) वजन या परिमाण
(iii) निर्माण की तिथि
(iv)निर्माता का नाम । 

(v) इस्तेमाल की समाप्ति ।
(vi) निरामिष/ सामिष चिन्ह
(vii)स्वास्थ्य के प्रति हानिकारक चेतावनी
(viii) वैधानिक चेतावनी । आदि


प्रश्न.2- उपभोक्ता जागरण हेतु विभिन्न नारों को लिखें ।
उत्तर- उपभोक्ता जागरण हेतु विभिन्न नारे निम्नलिखित है
(i) जागो ग्राहक जागो ।
(ii) ग्राहक सावधान ।
(iii) अपने अधिकारों को पहचानों ।
(iv) सतर्क उपभो की सुरक्षित उपभोक्त

(v) उपभोक्ता के र रूप में अपने अधिकारों की रक्षा करें ।


प्रश्न.3- कुछ ऐसे कारकों की चर्चा करें जिससे उपभोक्ता का
शोषण होता है ।
उत्तर- उपभोक्ताओं का शोषण निम्नलिखित कारकों से
होता है ।
(i) मिलावट:- महंगी वस्तुओं में अन्य वस्तुएँ मिलाकर
(ii) कम तौलने द्वारा:- वस्तुओं के माप-तौल में हेरा फेरी करके ।
(iii) कम गुणवत्ता वाली वस्तुएँ:-उपभोक्ता को धोखे से
अच्छे वस्तु के स्थान पर कम गुणवत्ता वाली वस्तु देकर ।
(iv) ऊँची कीमत द्वारा:- मूल कीमत से ऊँची कीमत वसूल करां 
(v)डुप्लीकेट वस्तुएँ:- अच्छी कंपनियों का डुप्लीकेट वस्तुएँ
देकरा


प्रश्न.4- उपभोक्ता के रूप में बाजार में उनके कुछ कर्तव्यों का
वर्णन करें ।
उत्तर- उपभोक्ता के रूप में बाजार में उनके कुछ कर्तव्य हैं
जो निम्नलिखित हैं ।
(i) वस्तु की रसीद आवश्यक लें ।
(ii)दि वस्तु देख की लें । गुणवत्ता  अवयवों की सूची, माप, शुद्धता,आदि देख ल 
(iii) उपभोग की अंतिम तिथि एवं निर्माण की तिथि देख
लें ।
(iv)गुणवत्ता का निशान ISI, एगमार्क, बुलमार्क, हॉलमार्क,
देखे ।
(v) स्वास्थ्य के प्रति हानिकारक चेतावनी तथा वैधानिक
चेतावनी को जरूर देखें ।


प्रश्न.5- उपभोक्ता कौन है? संक्षिप्त में बताएँ ।
उत्तर- जब कोई व्यक्ति वस्तुएँ एवं सेवाएँ अपने प्रयोग के लिए खरीदता है तो वह व्यक्ति उपभोक्ता कहलाता है । खरीददार की अनुमति से ऐसी वस्तुओं और सेवाओं का प्रयोग करने वाला व्यक्ति भी उपभोक्ता है । उपभोक्ता बाजार का महत्वपूर्ण अंग होता है ।उपभोक्ता बाजार का महत्वपूर्ण अंग होता है । उपभोक्ता ही न हो तो बाजार का कल्पना भी नहीं किया जा सकता है । उत्पादन की सभी क्रियाएँ उपभोक्ता के कारण ही संचालित होती है ।


दीर्घ उत्तरीय प्रश्न 

प्रश्न.1- उपभोक्ता के कौन-कौन अधिकार है?प्रत्येक अधिकार को सोदाहरण लिखें ।
उत्तर- उपभोक्ता के निम्न अधिकार है ।
(i) सुरक्षा का अधिकार- उपभोक्ता को ऐसे वस्तुओं एवं
सेवाओं से सुरक्षा प्राप्त करने का अधिकार है जिससे उनके
शरीर या संपत्ति को हानि हो सकती है । जैसे- खराब खाद्यान्न चावल, गेंहू आदि से सुरक्षा ।
(ii) सूचना पाने का अधिकार- उपभोक्ताओं को खरीदने वाले वस्तुओं या सेवाओं के बारे में सूचना प्राप्त करने का
अधिकार है । जैसे वस्तुओं का मूल्य, गुणवत्ता आदि ।
(iii) चुनाव या पसंद करने का अधिकार- उपभोक्ता को
आकार, रूप, रंग, ब्रांड अथवा मूल्य के आधार पर विभिन्न
वस्तुओं में से किसी भी वस्तुओं का चुनाव/पसंद करने का अधिकार प्राप्त है ।
(iv) सुनवाई का अधिकार- उपभोक्ता को अपने हितों को
प्रभावित करने वाले सभी बातों को उपयुक्त मंच के सामने
-रखने का अधिकार है ।

(v) शिकायत निवारण या क्षतिपूर्ति का अधिकार खरीदी
गई वस्तु यदि सही ढंग का ना निकले तो उपभोक्ता को
मुआवजा प्राप्त करने का अधिकार है ।
(vi) उपभोक्ता शिक्षा का अधिकार- इस अधिकार के
अंतर्गत उपभोक्ता को किसी वस्तु के मूल्य, उसकी
उपयोगिता, कोटि तथा सेवा की जानकारी, अधिकारों का ज्ञान प्राप्ति आदि पाने का अधिकार है ।


प्रश्न.2- “उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986” की मुख्य
विशेषताओं को लिखें ।
उत्तर- उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम भारत सरकार द्वारा
1986 ई 0 में लाया गया था । इस अधिनियम के अंतर्गत
उपभोक्ता के अधिकार एवं हितों का संरक्षण किया जाता
है!इस अधिनियम के अंतर्गत उपभोक्ताओं को निम्न
अधिकार दिया गया है ।
(i) सुरक्षा का अधिकार ।
(ii) सूचना पाने का अधिकार ।
(iii) चुनाव या पसंद करने का अधिकार ।
(iv) सुनवाई का अधिकार ।

(v) शिकायत निवारण का अधिकार या क्षतिपूर्ति का
अधिकार ।
(VI) उपभोक्ता शिक्षा का अधिकारा उपभोक्ताओं की शिकायत के निवारण के लिए त्रिस्तरीय न्यायिक व्यवस्था की गई है ।
(a) राष्ट्रीय स्तर पर “राष्ट्रीय आयोग”
(b) राज्य स्तर पर “राज्य स्तरीय आयोग”
(c) जिला स्तर पर”जिला मंच(फोरम)”

त्रिस्तरीय न्यायिक व्यवस्था की गई है ।
(a) राष्ट्रीय स्तर पर”राष्ट्रीय आयोग”
(b) राज्य स्तर पर”राज्य स्तरीय आयोग”
(c) जिला स्तर पर”जिला मंच(फोरम)”
ऊपर लिखित अधिकारों एवं न्यायिक व्यवस्था से
उपभोक्ताओं का शोषण होने से बचाया जा सकता है ।


प्रश्न.2- उपभोक्ता संरक्षण हेतु सरकार द्वारा गठित न्यायिक प्रणाली(त्रिस्तरीय प्रणाली) को विस्तार से समझायें ।
उत्तर- उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 के अंतर्गत
उपभोक्ताओं को उनकी शिकायतों को दूर करने के लिए
त्रिस्तरीय न्यायिक प्रणाली का व्यवस्था किया गया है जो
निम्नलिखित है ।

(a) राष्ट्रीय आयोग- यह राष्ट्रीय स्तर पर कार्य करती है । यह
उन मामलों पर सीधी सुनवाई करती है जिन मामलों में
क्षतिपूर्ति की राशि 1 करोड़ से अधिक हो ।
(b) राज्य स्तरीय आयोग- यह प्रत्येक राज्य में स्थित है । यह
उन मामलों पर सुनवाई करता है जिन मामलों में क्षतिपूर्ति
की राशि 20 लाख से अधिक तथा 1 करोड से कम हो ।यदि किसी स्थिति में कोई उपभोक्ता राष्ट्रीय
आयोग के फैसले में भी संतुष्ट नहीं हैराधीय CC जाके फैसले की 30 दिनों के भीतर उच्चतम न्यायालय(सुप्रीम 


प्रश्न.4- दो उदाहरण देकर उपभोक्ता जागरूकता की जरूरतों
का वर्णन करें ।
उत्तर- निम्नलिखित दो उदाहरणों द्वारा उपभोक्ता
जागरूकता की जरूरतों को समझा जा सकता है ।
उदाहरण(i) गैस एजेंसिया गैस एजेंसियों द्वारा उपभोक्ताओं के घरों तक सिलेंडर
समय पर नहीं पहुंचाया जाता है जिससे उपभोक्तागण
मजबूरी में कालाबाजारी का शिकार होते हैं तथा मजबूरी में
ऊँचे कीमतों पर गैस सिलेंडरों को खरीदता है, जिससे
सभोक्ताओं का शोषण किया होता है । 

उदाहरण(ii) शिक्षण संस्थान
शिक्षण संस्थान बहुतायत रूप में गली-गली खुलते जा
रहे हैं जो कि गैर मान्यता प्राप्त होते हैं तथा योग्य शिक्षकों
आदि चीजों का कमी होता है । ऐसे संस्थान भ्रामक प्रचार
प्रसार द्वारा छात्रों को झूठा वादा कर गलत ढंग से फीस
तपूलने हैं ।इस प्रकार कई उदाहरण है जिससे उपभोक्ता का
शोषण होता है ।?इससे 1 बचने के लिए उपभोक्ता जागरूकता
की जरूरत है –


प्रश्न.5- मानवाधिकार अधिकार के महत्व पर लिखें ।
उत्तर- मानव को कुछ अधिकार जन्म से ही प्राप्त होते हैं जैसे स्वतंत्रता का अधिकार, अभिव्यक्ति का अधिकार, न्याय पाने का अधिकार इत्यादि, जिसे”मानवाधिकार”
कहा जाता है । हमारे देश में राष्ट्रीय स्तर पर एक उच्चतम संस्था है, जो मानवीय अधिकारों की रक्षा और उनके अधिकारों से संबंधित हितों के लिए सुरक्षा प्रदान करती है । इस संस्था
को”राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग”कहते हैं । “राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग” का महत्व इस बात से
तह जाता है कि इसका अध्यक्ष भरत के उच्चतम न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश होते हैं । इसी तरह देश
के प्रत्येक राज्य में एक”राज्य मानवाधिकार आयोग” का गठन किया जाता है, जो राज्य के नागरिकों के अधिकारों की रक्षा संबंधी बातों को देखती है ।

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