भारत में राष्ट्रवाद history subjective question 2023

 भारत में राष्ट्रवाद

Social Science Class 10th Question Answer :- भारत में राष्ट्रवाद (Bharat Me Rashtravad) Subjective Question दोस्तों यहां पर मैट्रिक परीक्षा 2023 सामाजिक विज्ञान सोशल साइंस क्लास 10th का इतिहास का सब्जेक्टिव क्वेश्चन आंसर दिया गया है एवं इसमें भारत में राष्ट्रवाद का लघु उत्तरीय प्रश्न तथा भारत में राष्ट्रवाद का दीर्घ उत्तरीय प्रश्न दिया गया है तो इसे आप लोग शुरू से लेकर अंत तक एक बार अवश्य पढ़ें और इस वेबसाइट पर आपको भारत में राष्ट्रवाद का ऑब्जेक्टिव क्वेश्चन आंसर भी मिल जाएगा।

राष्ट्रवाद का शाब्दिक अर्थ राष्ट्रीय चेतना का उदय है।
⇒1879 ई० में आर्म्स एक्ट यानी हथियार रखना गुनाह लागू हुआ था |
⇒ 1899 ई० में लॉर्ड कर्जन ने कोलकाता कॉरपोरेशन एक्ट पारित किया।
⇒ 1910 में इंडियन प्रेस एक्ट लाया गया |
 बाल पाल लाल का अर्थ बाल गंगाधर तिलक, बिपिन चंद्र पाल एवं लाला लाजपत राय है।
⇒1914 में प्रथम विश्व युद्ध प्रारंभ हुआ था।
 1915-17 के बीच एनीवेसेंट और तिलक ने आयरलैंड से प्रेरित होकर होम रूल लीग की आंदोलन आरंभ किया था।
⇒ लाला हरदयाल ने 1913 में गदर पार्टी की स्थापना की
 खिलाफत आंदोलन तुर्की के शासक के समर्थन में 1920 ई० में हुई थी।
 नवंबर 1920 में महात्मा गांधी भारतीय खिलाफत आंदोलन के अध्यक्ष बने थे।
⇒14 अक्टूबर 1919 को पूरे भारत में खिलाफत आंदोलन मनाया गया था |
असहयोग आंदोलन का प्रस्ताव सितंबर 1920 में कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में पारित हुआ था।
 1920-1922 असहयोग आंदोलन महात्मा गांधी का प्रथम जन आंदोलन था |
⇒सर जॉन साइमन की अध्यक्षता में इंग्लैंड में नवंबर 1927 ई० में साइमन कमीशन आयोग बनाया गया जिसके सभी सदस्य अंग्रेज ही थे
⇒साइमन कमिशन 3 फरवरी 1927 ई० को इंग्लैंड से भारत के मुंबई में पहुंचा जहां इसका स्वागत काले झंडे के द्वारा किया गया था।
⇒सूर्य सेन का उपनाम मास्टर दा था
⇒26 जनवरी 1930 ई० को पूर्ण स्वतंत्रता दिवस मनाने की घोषणा की गई थी।
 इसी सत्याग्रह के दौरान बारदोली की महिलाओं ने वल्लभ भाई पटेल को सरदार की उपाधि दी थी
⇒11 अप्रैल 1936 ई० को लखनऊ में अखिल भारतीय किसान सभा का गठन हुआ
 31 अक्टूबर 1920 ई० को कांग्रेस पार्टी ने ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन (AITUC) की स्थापना की थी ।
⇒रमपा विद्रोह एक जनजातीय आंदोलन था, जो 1916 में हुआ
श्री राजू के नेतृत्व में छापामार युद्ध छेड़ा गया था |
⇒ रॉलेक्ट एक्ट 1919 ई० में लाया गया | जिसे कृपला कानून भी कहा जाता है।
⇒13 अप्रैल 1919 ई० को जलियांवाला बाग हत्याकांड हुआ था। उस समय पूरे पंजाब में मार्शल लॉ लागूथा
वर्ष 1916 में लखनऊ समझौता हुआ
⇒1915 में दक्षिण अफ्रीका से बाद गांधीजी ने अहमदाबाद में साबरमती आश्रम की स्थापना की थी।
⇒ 1919 से 1947 का
 रॉलेक्ट एक्ट 1919 सिडनी रॉलेक्ट की अध्यक्षता में लाया गया था |
⇒ जलियांवालमें बाग में लोगों की भीड़ डॉ सत्यपाल एवं किचलू की रिहाई समय गाँधी युग कहलाता है
⇒जलियांवाला बाग हत्याकांड के समय अमृतसर जिले के मजिस्ट्रेट जनरल Dr Aayar the
⇒जलियांवाला बाग हत्याकांड के बाद रविंद्र नाथ टैगोर ने नाईट की उपाधि और गांधी जी ने केसर ए- ⇒हिन्द की उपाधि वापस कर दी थी।
⇒ 1914 में जतरा भगत के नेतृत्व में खोंड विद्रोह हुआ था।
⇒ 1917 ई० में मयूरभंज में संथालों ने एवं मणिपुर में थोडोई कुकियों” ने
विद्रोह कर दिया था |
⇒ इंडियन लीग की स्थापना 1875 ई० में हुई थी
⇒ बंगाल ब्रिटिश इंडियन एसोसिएशन की स्थापना 1943 में हुई थी।
 मद्रास महाजन सभा की स्थापना 1884 ई० में हुई थी ।
⇒ आनंद मोहन बोस ने । 1883 ई० में कांफ्रेंस नामक एक अखिल भारतीय संगठन का सम्मेलन बुलाया था।
⇒ रिटायार्ड ब्रिटिश अधिकारी ऐलेन आक्टोवियन ह्युम (ऐ०ओ०ह्युम) ने गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज मुंबई में सोमवार 28 दिसंबर 1885 ई० को भारतीय
⇒राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना की थी।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अध्यक्ष व्योमेश चंद्र बनर्जी को बनाया गया था
जिसमें कुल 72 सदस्य शामिल थे
⇒1920 में एम० एन० राय ने राष्ट्रीय कम्युनिस्ट पार्टी की स्थापना की |
 1929 में एन० एम० जोशी ने (AITUF) का गठन किया था |
⇒ लेवर स्वराज पार्टी भारत में पहली किसान मजदूर पार्टी थी
 दिसंबर 1928 में अखिल भारतीय मजदूर किसान पार्टी बनी।
⇒फॉरवर्ड ब्लॉक की स्थापना सुभाष चंद्र बोस ने की थी ।
 सबसे पहली बार हिंदू मुस्लिम में एकता 1857 के विद्रोह में देखने को मिली थी
⇒1887 में लॉर्ड डफरिन ने कांग्रेस को हिंदुओं की पार्टी कह कर संबोधित किया था।
 विलियम हंटर नामक अंग्रेज ने अपनी पुस्तक में अंग्रेज मुस्लिम मित्रता पर काफी बल दिया था
⇒सर सैयद अहमद खान ने 1877 में ही मोहम्मद एग्लो
अलीगढ की स्थापना की थी।
⇒आगा खां के नेतृत्व में 1906 ई० में मुस्लिम लीग की स्थापना हुई थी।
 ढाका में 30 दिसंबर 1906 को मुस्लिम लीग का नामक बदलकर ऑल इंडिया मुस्लिम लीग रखा गया था।
⇒1916 ई० में कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच समझौता हुआ था |
⇒ इरविन समझौता में गांधी जी ने वायसराय इरविन के समक्ष 11 सूत्री मांग को रखा था |
⇒12 मार्च 1930 ई० को 78 अनुयायियों के साथ साबरमती आश्रम से गांधी जी ने दांडी यात्रा की
⇒24 दिन में 250 किलोमीटर चलने के बाद गांधी जी ने 5 अप्रैल को दांडी pahuchkar 6 April ko ⇒samundra ke Pani se नमक बनाकर नमक ko कानून bhang Diya
⇒बादशाह खां या सीमांत गांधी कहा जाता है।
⇒अबदुल गफ्फार खां ने खुदाई खिदमतगार नामक स्वयंसेवी संगठन की
स्थापना की जिसे लाल कुर्ती के नाम से जाना जाता है।
 गांधी और इरविन के बीच मार्च 1931 ई० में गांधी इरविन समझौता हुआ जिसे दिल्ली समझौता के नाम से भी जाना जाता है।
⇒गांधीजी ने द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में भाग लिया था
 खान बहादुर गफ्फार खां
⇒चंपारण सत्याग्रह 1917 ई० में गांधीजी के द्वारा भारत में किया गया पहला सत्याग्रह था ।
⇒ चंपारण में तीनकठिया पद्धति थी जो नील की खेती से संबंधित थी।
⇒तीनकठिया पद्धति किसानों से सम्बंधित थी
⇒1916 में कांग्रेस के अधिवेशन में चपारण के एक किसान राजकुमार शुक्ल ने गांधी जी से चंपारण आने का आग्रह किया था ।
 गांधीजी के दबाव पर सरकार ने चंपारण एग्रेरियण कमिटी का गठन किया था।
⇒सिफारिश पर तीनकठिया पद्धति को समाप्त कर दिया गया।
 गुजरात के खेड़ा जिले में 22 जून 1918 को गांधीजी ने खेड़ा सत्याग्रह किया |
जमींदार और मुस्लिम किसान के बीच अली मुसलियार के नेतृत्व
मोपला विद्रोह हुआ था। में हिंदू
 फरवरी 1928 में सरदार वल्लभ भाई पटेल के नेतृत्व में बारदोली सत्याग्रह हुआ
था
⇒ चितरंजन दास और मोती लाल नेहरू ने 1923 ई० में स्वराज पार्टी की स्थापना
की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (R.S.S) की अवधारणा हिंदू, हिंदुत्व एवं हिंदू राष्ट्र थी।
⇒1875 ई० में मुंबई में स्वामी दयानंद सरस्वती ने आर्य समाज की स्थापना कर
⇒1915 में पंडित मदन मोहन मालवीय ने हरिद्वार में हिंदू महासभा की स्थापना की।
श्री के०बी० हेडगेवार ने 1925 में नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (R.S.S.) की स्थापना की।


अतिलघु उत्तरीय प्रश्न:- ( 20 शब्दों मे उत्तर दे ) 

प्रश्न-1 खिलाफत आंदोलन क्यों हुआ?
उत्तर- वर्ष 1920 में तुर्की के सुल्तान के खलीफा पद को या सिंहासन को अंग्रेजों द्वारा छीन लिया गया जिससे भारतीय मुसलमानों को भी बहुत बुरा लगा | इसलिए भारतीय मुसलमानों ने तुर्की के सुल्तान के समर्थन में खिलाफत आंदोलन किया


 प्रश्न-2रॉलेक्ट एक्ट से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर- रॉलेक्ट एक्ट सर सिडनी रोलेक्ट की अध्यक्षता में वर्ष 1919 गया था | जिसमें किसी भी व्यक्ति को बिना वारंटरफ्तार व्यक्ति को न कोई वकील करने का किए गिरफ्तार किया जा सकता था या ना कोई दलील पेश करने का अधिकार इसलिए इस कानून को बिना वकील और बिना दलील का कानून कहा गया कुछ द्वानों ने इसे काला कानून कह कर संबोधित


प्रश्न-3  दांडी यात्रा का क्या उद्देश्य था?
उत्तर:- दांडी यात्रा का उद्देश्य समुद्र के जल से नमक तत्कालीन बनाकर नमक समय कानून का उल्लंघन करना था । क्योंकि में आम व्यक्तियों द्वारा नमक बनाना एक कानूनी अपराध था । धीरे-धीरे पूरे देश में नमक कानून का उल्लंघन किया गया । गांधीजी ने सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत दांडी यात्रा से किये थे ।


प्रश्न- 4 गांधी-इरविन पैक्ट अथवा दिल्ली समझौता क्या
था?
उत्तर:- गांधी-इरविन पैक्ट अथवा दिल्ली समझौता 5 मार्च 1931 ईस्वी को गांधीजी एवं लॉर्ड इरविन के बीच दिल्ली में संपन्न हुई थी । इस समझौता के अनुसार गांधी जी ने आंदोलन को स्थगित कर दिया । दूसरी ओर लॉर्ड इरविन ने भी गाँधीजी के कुछ मांगों को भी स्वीकार किया था 


प्रश्न- 5  चम्पारण सत्याग्रह का संक्षिप्त विवरण दें ।
उत्तर:- बिहार में प्रचलित तीन कठिया व्यवस्था के अंतर्गत किसानों को भूमि की 3/20 भाग पर नील की खेती करनी होती थी । नील की खेती से मुनाफा नहीं होने के कारण किसानों की स्थिति काफी दयनीय हो गई थी । किसानों के पक्ष को लेकर गांधीजी ने अप्रैल -1917 ई Q में चम्पारण से सत्याग्रह आंदोलन का शुरुआगत किया था । 


प्रश्न-6  मेरठ षड्यंत्र से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:- मेरठ षड्यंत्र एक विवादास्पद अदालत का मामला है । मार्च 1929 ई 0 में ब्रिटिश सरकार ने 31 मजदूर नेताओं को षड्यंत्रों के आरोप में गिरफ्तार
किया और इन नेताओं को मेरठ लाकर उन पर मुकद्दमा चलाया । इसमें 27 अभियुक्तों को कड़ी सजा दी गयी । मुजफ्फर अहमद को सबसे बड़ी और  कड़ी सजा दी गई, इसके तहत उन्हें आजीवन काले पानी की सजा  भी कई 


प्रश्न-7  जतरा भगत के बारे में आप क्या जानते हैं? संक्षेप में बताएं ।
उत्तर: जतरा भगत उर्फ जतरा उरांव का जन्म सितंबर 1888 में झारखंड के गुमला जिला के बिशनुपुर थाना के चिंगरी नवाटोली गांव में हुआ था । 1912-14 में उन्होंने ब्रिटिश राज और जमींदारों के खिलएफ अहिंसक असहयोग का आंदोलन छेड़ा और लगान, सरकारी टैक्स आदि भरने तथा’कुली’ के रूप में मजदूरी करने से मना कर दिया था । 


प्रश्न- 8 ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस की स्थापना क्यों हुई?

उत्तर:-  कल-कारखानों में काम कर रहे मजदूरों के साथ उद्योगपतियों द्वारा शोषण किया जाता था । इन मजदूरों के माँगों के को साथ मनवाने हो रहे के लिए शोषण ऑल को इंडिया रोकने तथा ट्रेड मजदूरों यूनियन कांग्रेस की स्थापना की गई थी । अर्थात मजदूरों की स्थिति में सुधार के लिए इस इसका स्थापना किया गया था|


अति लघुउत्तरीय प्रश्न 

प्रश्न-1 असहयोग आंदोलन प्रथम जन आंदोलन था कैसे?
उत्तर:- असहयोग आंदोलन गांधीजी द्वारा चलाया गया था । इस आंदोलन में समाज के विभिन्न वर्गों के लोग(जन) जैसे- शहरी, ग्रामीण, मध्यवर्ग,किसान,
आदिवासी एवं मजदूर आदि ने पहली बार बड़ी किसी संख्या में भाग लिया । इससे पहले इतने संख्या में लोग आंदोलन में भाग नहीं लिया था, इसलिए यह प्रथम उन जांदोजन कहा था 


प्रश्न- 2 सविनय अवज्ञा आंदोलन के क्या परिणाम हुए ।
उत्तर:- सविनय अवज्ञा आंदोलन के निम्न परिणाम हुए ।
(i) राष्ट्रीय आंदोलन के सामाजिक आधार का विस्तार हुआ ।
(ii) समाज के विभिन्न वर्गों का राजनीतिकरण हुआ ।
(iii) ब्रिटिश सरवर जे 1935 ई 0 का भारत शासन अधिनियम पारित किया ।
(iv)पहली बार काँग्रेस से समानता के आधार पर ब्रिटिश सरकार ने बातचीत किया ।
(v) ब्रिटिश वस्तुओं के आयात में गिरावद्ध आई


प्रश्न-3 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना किन परिस्थितियों में हुई?
उत्तर:- कांग्रेस के स्थापना से पूर्व क्षेत्रीय स्तर पर अनेकों संगठन बना हुआ था । इन संगठनों को एकजुट करने के लिए आनंद मोहन बोस और रिटायर्ड ब्रिटिश अधिकारी ए 0 ओ 0 ह्यूम पूरा प्रयास किये । इसी क्रम गरें ए C ओ 0 हराम ने भारतीय राष्ट्रीय संघ की अस्थापना किये  अंततः 28 दिसम्बर 1885 ई 0 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना हुआ था ।


प्रश्न-4  बिहार में किसान आंदोलन पर संक्षिप्त लिखें ।
उत्तर:- बिहार में प्रचलित तीन कठिया व्यवस्था के कारण यहां के किसानों की स्थिति काफी दयनीय हो गई थी । इस व्यवस्था के खिलाफ बिहार में”चम्पारण आंदोलन या चम्पारण सत्याग्रह” नामक एक किसान में आंदोलन गांधीजी हुआ ने चम्पारण । किसानों से इस के पक्ष आंदोलन को लेकर का 1917 शुरूआत ई किया था ।


प्रश्न-5 स्वराज पार्टी की स्थापना एवं उद्देश्य की विवेचना करें

उत्तर ।:- स्वराज पार्टी की स्थापना 1922 ई 0 में चितरंजन दास और मोतीलाल नेहरू ने किया था । जिसका निम्नलिखित उद्देश्य थे ।
(i) भारत में चलाई गई ब्रिटिश सरकार के परंपराओं का अंत करना ।
(ii) नौकरशाही की शक्ति को कमजोर करना


दीर्घ उत्तरीय प्रश्न 

प्रश्न- 1 प्रथम विश्वयुद्ध का भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के साथ अंतर्संबंध की विवेचना करें ।
उत्तर:- प्रथम विश्वयुद्ध का भारतीय आंदोलन के साथ गहरा अंतर्संबंध रहा था क्योंकि 1 (i)प्रथम विश्वयुद्ध से उत्पन्न परिस्थितियों के कारण ही भारत में कई राष्ट्रीय आंदोलन परिस्थितियों की घटनाएं से भारत घटी में ।
युद्ध से उत्पन्न निम्नलिखित प्रथम विश्थेयज के के बाद राष्ट्रीय भारत आंदोलन की आर्थिक । स्थिति बिगड़ गई । देश में बेरोजगारी, गरीबी, महँगाई बढ़ने लगी । इन समस्याओं से प्रभावित होकर भारतीयों ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ आंदोलन प्रारंभ करने लगे ।

(ii)प्रथम विश्व युद्ध ने भारत सहित पूरे ऐशिया और अफ्रीका और देश में के राष्ट्रवादी विभिन्न भावना को मजबूत बना दिया क्षेत्रों में आंदोलनों होने लगा ।
(iii) प्रथम विश्व युद्ध से हुआ नुकसान की भरपाई के लिए ब्रिटिश सरकार ने भारत पर कठोर नियम लागू करने लगा जिस के खिलाफ लोग आंदोलन करने लगे ।


प्रश्न- 2 असहयोग आंदोलन के कारण एवं परिणाम का वर्णन करें ।
उत्तर:- असहयोग आंदोलन महात्मा गांधी के नेतृत्व में
प्रारंभ किया गया पहला जन आंदोलन था ।
(i) खिलाफत इस आंदोलन का मुद्दा के मुख्य लेकर तीन सरकार कारण थे ।पर दबाव बनाना बनाना
(ii) पंजाब । में सरकार की बर्बर कार्रवाई के खिलाफ न्याय प्राप्त करना । 
(I1I) स्वराज्य की प्राप्ति करना निम्नलिखित असहयोग आंदोलन के अचानक रुकने से
(i ) गांधीजी परिणाम हुए । की गिरफ्तारी हुई ।
(ii)  खिलाफत के मुद्दा का अंत हो गया । ही पंजाब में 3/7 बर्बर
(iii)  स्वराज्य कार्यवाही की प्राप्ति नहीं हुई और ना के विरुद्ध न्याय भंग प्राप्त हुआ ।
(iv)  हिंदू-मुस्लिम एकता हो गई ।
(v) कांग्रेस एवं गांधीजी के प्रति पूरे भारतीय जनता का विश्वास जगा ।
(vi)  समूचे देश में पहली बार जनता आंदोलन के लिएक
(vii) हुआ चरखा । एवं करघा को भी बढ़ावा मिला ।


प्रश्न-3  सविनय अवज्ञा आंदोलन के कारणों की विवेचना करें ।
उत्तर:- 1930 ईस्वी में गांधी के नेतृत्व में हुआ सविनय अवज्ञा आंदोलन के निम्नलिखित कारण था ।
(i) साइमन कमीशन:- इस कमीशन के 7 सदस्य आयोग में एक भी भारतीय ना होना ।
(ii) नेहरू में रिपोर्ट स्वीकत:-इस नहीं रिपोर्ट होना । का कांग्रेस के सर्वदलीय सम्मेलन में स्वीकृत नहीं होना ।
(iii) विश्वव्यापी आर्थिक मंदी:- 1929-30 ई 0 की विश्वव्यापी आर्थिक मंदी से देश में बेरोजगारी, गरीबी आदि का बढ़ना ।
(iv) समाजवाद का बढ़ता प्रभाव:- इससे कांग्रेस
आंदोलन के लिए दबाव महसूस करने लगा ।
(v) क्रांतिकारी आंदोलनों का उभार देश के विभिन्न क्षेत्रों में क्रांतिकारी आंदोलनों का उभर कर सामने आना ।
(vi) पूर्ण स्वराज की मांग:- कांग्रेस द्वारा पूर्ण स्वराज की मांग करना ।
(vii) गांधी का समझौता रुख:-ब्रिटिश शासन द्वारा गांधी का 11 सूत्री समझौता प्रस्ताव न मानना ।


प्रश्न- 4 भारत में मजदूर आंदोलन के विकास का वर्णन करें ।
उत्तर- यूरोप के औद्योगीकरण और मार्क्सवादी विचारों के विकास का प्रभाव भारत के मजदूरों पर भी ने पड़ा । यहाँ के मजदूरों में भी का जागृति आई किया । गाँधी । जी भी मजदूरों के हक की मांगो समर्थनउद्योगपतियों द्वारा मजदूरों पर हो रहे शोषण को रोकने,तथा इनके माँगों को मनवाने के लिए 31 अक्टूबर1920 ई 0 को कांग्रेस पार्टी ने”ऑल इंडिया ट्रेड
यूनियन कांग्रेस(AITUC)” की स्थापना किया था ।‘मार्क्सवादी विचारों की लोकप्रियतमजदूर आंदोलन को ओर अधिक मजबूत बनाया, जिससे ब्रिटिश सरकार की चिंता बढ़ी और मजदूरों के खिलाफ दमनकारी उपाय भी किए गए । लेकिन 1930 ई 0 में मजदूर तीन संगठनों- i.ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन
काँग्रेस, ji.हिंद मजदूर संघ और iii. यूनाइटेड ट्रेड यूनियन कांग्रेस में विभाजित होने से कमजोर हो गया ।


प्रश्न- 5 भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन गाँधीजी के योगदान की विवेचना करें ।
उत्तर- 1919 ई 0 से 1947 ई 0 के बीच राष्ट्रीय आंदोलन में गाँधीजी का महत्वपूर्ण योगदान रहा था ।चंपारण तथा खेड़ा में किसानों का आंदोलन और अहमदाबाद में श्रमिकों के आंदोलनों का नेतृत्व कर गाँधीजी ने राष्ट्रीय स्तर पर अपना पहचान बनाया लिया था । विटिश सरका के यमनकारी नीतियों एवं रोलेंट एक्ट के विरोध में गाँधीजी ने सत्याग्रह की शुरुआत किया  महात्मा गाँधी ने असहयोग प्रदान सविनय अवज्ञा आंदोलन, भारत छोड़ो आंदोलन के द्वारा राष्ट्रीय आंदोलनों को एक नई दशा एवं दिशा प्रदान  महात्मा गाधा न असहयांग आदालन ,किया । इन संघर्षों के बाद अंततः 15 अगस्त 1947 ई 0 को हमारा देश भारत स्वतंत्र हो गया । उपर्युक्त आंदोलन बातों में गाँधीजी से स्पष्ट होता है कि भारतीय राष्ट्रीय
का महत्वपूर्ण योगदान रहा था ।


प्रश्न-6  भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में वामपंथियों की भूमिका को रेखांकित करें ।
उत्तर- 20 वीं शताब्दी के शुरुआत में ही वामपंथियों की सभाएं होने लगी थी । इसी दौरान 1920 ई 0 में एम 0 एन 0 राय ने ताशकंद में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की स्थापना की । ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस(AITUC) तथा ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन []
ITIC) के उनसे नियों का प्रसार मजदूर संघ पर बढ़ रहा था । 1934 ई 0 में मुंबई कांग्रेस समाजवादी दल की स्थापना की गई । लेकिन सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान
वामपंथियों ने कांग्रेस का विरोध किया क्योंकि इनका मानना था कि कांग्रेस उन उद्योगपतियों एवं जमींनदारों के समर्थन से चल रहा है जो मजदूरों का शोषण कर रहा है ।


 

 

 

 

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