भारत संसाधन एवं उपयोग Bharat Sansadhan Ewang Upyog Subjective Question 2023

भारत संसाधन एवं उपयोग

लघु उत्तरीय प्रश्न 

प्रश्न-1. संसाधन को परिभाषित करें ।
उत्तर- पर्यावरण में उपलब्ध वे सारे पदार्थ जो मानवीय
आवश्यकताओं की पूर्ति अथवा सुख सुविधा प्रदान
करें तो वैसे पदार्थ को संसाधन कहते हैं । जैसे- हवा,
जल कोयला पेट्रोलियम, मोबाइल आदि ।संसाधन को मुख्यतः दो वर्गों में बाँटा गया है ।
(a) प्राकृतिक संसाधन
(b) मानव निर्मित संसाधन


प्रश्न-2. संभावी एवं संचित कोष संसाधन में अंतर स्पष्ट कीजिए ।
उत्तर- संभावी एवं संचित कोष संसाधन में निम्नलिखित अंतर है ।

 

            संभावी संसाधन         संचित कोष संसाधन
   (i )किसी क्षेत्र विशेष मे  मौजूद ऐसा संसाधन जिसक   उपयोग में लाए जाने की संभावना रहती है लेकिन  इसका उपयोग अभी तक नहीं  किया गया है ।       (i) ऐसा संसाधन जिस  उपलब्ध तकनीक के आधार पर उपयोग में लाया
      जा सकता है लेकिन अभी  उपयोग प्रारंभ नहीं हुआ  है ।
(ii) हिमालय क्षेत्र का खनिज
जिसका उत्खनन अधिक
गहराई में होने के कारण दुर्गम
एवं महँगा है ।
(ii) जल-विद्युत, ऐसे
संसाधन नदी बाँधो में जल
के रूप में संचित है । जिसे
तकनीक से उपयोग में
लाया जा सकता है ।

प्रश्न-3. संसाधन संरक्षण की उपयोगिता को लिखिए ।
उत्तर- संसाधन संरक्षण का तात्पर्य- “संसाधनों का
सुरक्षा करना”
  संसाधन संरक्षण के अंतर्गत जब हम संसाधनों
  का नियोजित एवं विवेकपूर्ण उपयोग करते है तो 
(i) पर्यावरणीय समस्या उत्पन्न नहीं होता है ।
(ii))पर्यावरणीय भावी पीढी समस्या भी संसाधन उत्पन्न का नहीं उपयोग होता है कर । सकेगा
(iii) संसाधनों का अनावश्यक बर्बादी नहीं होता है
(iv) लोग संसाधनों के महत्व को समझेंगे


प्रश्न-4. संसाधन निर्माण में तकनीक की क्या भूमिका है? स्पष्ट करें ।
उत्तर- संसाधन होते नहीं बल्कि इसे बनाया जाता है । ऐसा तकनीक के आधार पर ही संभव है । कोई राष्ट्र अल्प संसाधन वाला होते हुए भी तकनीक के प्रयोग से विकसित राष्ट्र बन जाता है जैसे- अल्प संसाधन वाला देश जापान, आज तकनीक के प्रयोग से विकसित राष्ट्र बन गया है । अतः किसी भी राष्ट्र के विकास में तकनीक का महत्वपूर्ण भूमिका होता है ।


दीर्घ उत्तरीय प्रश्न 
प्रश्न-1. संसाधन के विकास में’सतत विकास की अवधारणा की व्याख्या कीजिए ।
उत्तर- सतत विकास का शाब्दिक अर्थ- “लगातार विकास” करने से है । सतत विकास एक ww अवधारणा है । जिसके अंतर्गत भावी पीढ़ियों को ध्यान में रखकर, पर्यावरण को बिना क्षति विकास पहुँचाकर, वर्तमान में संसाधनों का उपयोग कर किया जाता है । संसाधन मानव के जीवन का आधार है । जीवन में अधिक से अधिक सुख-सुविधा प्राप्त करने के लिए संसाधनों का संधाआध प्रयोग कर इसे जष्ट किया जाता है?जिससे अनेक समस्याएँ जैसे भूमंडलीय तापन, ओजोन क्षय, अम्लीय वर्षा आदि उत्पन्न हो गई है । इन समस्याओं की से छुटकारा पाने के लिए मनुष्य को ‘सतत विकास अवधारणा को अपनाकर खुशहाल एवं सुरक्षित भविष्य प्राप्त करने की आवश्यकता है । अतः मनुष्य सतत विकास की अवधारणा को कर अपनाकर पर्यावरणीय संसाधनों समस्या का नियोजित से छुटकारा एवं पा विवेकपूर्ण सकता है । उपयोग ताकि इस संसाधनो का प्रयोग कर भावी पीढ़ी भी विक सके ।


प्रश्न-2. स्वामित्व के आधार पर संसाधनों के विविध स्वरूपों
का वर्णन कीजिए|
उत्तर- स्वामित्व के आधार पर संसाधनों चार भागों में बांटा गया है ।
(i) व्यक्तिगत संसाधन:- ऐसा संसाधन किसी खास व्यक्ति के अधिकार क्षेत्र में होता है जैसे मकान, मोबाइल, गाड़ी, दीवी, घड़ी आदि 
(ii) सामुदायिक संसाधन:- ऐसा संसाधन गाँव, समुदाय,
नगर आदि के सभी लोगों के उपयोग के लिए होता है ।
जैसे- कब्रिस्तान, श्मशान, पंचायत भवन, सामुदायिक
भवन आदि ।
(iii) राष्ट्रीय संसाधन:- कानूनी तौर पर राष्ट्र में उपलब्ध सभी संसाधन”राष्ट्रीय संसाधन” है । सरकार को वैधानि कअधिकार है कि वह राष्ट्रीय संसाधनों का उपयोग आम आदमी के कल्याण के लिए कर सकता है ।
(iv) राष्ट्राय ससाधन:- कानूना तार पर राष्ट्र म उपलब्ध
सभी संसाधन”राष्ट्रीय संसाधन”है । सरकार को वैधानिक
अधिकार है कि वह राष्ट्रीय संसाधनों का उपयोग आम
आदमी के कल्याण के लिए कर सकता है ।
(v) अंतर्राष्ट्रीय संसाधन- किसी राष्ट्र के समुंद्री तट रेखा
के 200 km की दूरी को छोड़कर खुला महासागरीय
संसाधन ” अंतर्राष्ट्रीय संसाधन”कहलाता है ।

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