वैश्वीकरण का सब्जेक्टिव क्वेश्चन आंसर ( Vaishveekaran Subjective Question Answer )

वैश्वीकरण का सब्जेक्टिव

दोस्तों मैट्रिक परीक्षा 2023 का तैयारी करना चाहते है तो यहाँ पर (Social Science) सामाजिक विज्ञान का क्वेश्चन आंसर दिया गया है जिसमें अर्थशास्त्र (Economics) का वैश्वीकरण का सब्जेक्टिव क्वेश्चन आंसर ( Vaishveekaran Subjective Question Answer ) दिया गया है तथा सामाजिक विज्ञान का मॉडल पेपर ( Social Science Model Paper 2023 ) भी दिया गया है और आपको सोशल साइंस का ऑब्जेक्टिव क्वेश्चन आंसर वैश्वीकरण ऑब्जेक्टिव क्वेश्चन आंसर ( Vaishveekaran Objective Question Answer ) आपको इस वेबसाइट पर आसानी से मिल जाएगा।

 वैश्वीकरण
⇒ए०पी० जे० अब्दुल कलाम ने कहा था कि बिहार के विकास के बिना देश का
 विकास संभव नहीं W.T.O का Full Form= World Trade Organisation है।
विश्व व्यापार संगठन की स्थापना जनवरी 1995 को हुई थी इसका मुख्यालय जेनेवा में स्थित है |
⇒2006 तक इसमें 149 देश थे। वर्तमान में इसमें 160 देश शामिल है।
● देश की जनसंख्या का लगभग 50% लोग सामान्य सुविधा से वंचित जीवन बिता रहे हैं।व्यावरण
⇒फोर्ड थम्स मोटर्स, सैमसंग, कोका कोला, नोकिआ इत्यादि बहुराष्ट्रीय कंपनियां हैं।
अप ब्रांड को कोका कोला ने खरीद लिया है।
भारत ने 1991 ई० में नई आर्थिक नीति को अपनाया |
नई आर्थिक नीति में निजीकरण, उदारीकरण एवं वैश्वीकरण को जोड़ा गया है। वैश्वीकरण के मुख्य पांच अंग है।
लघु उत्तरीय प्रश्न 
Q.1 वैश्विकरण से आप क्या समझते हैं 
उत्तर- देश की अर्थव्यवस्था का विकास विश्व की अर्थव्यवस्था के साथ संबंध में वैस्विक्लारण कहलाता हैं


Q.2 बहुरास्ट्रीय कंपनी किसे कहते है 
उत्तर – वैसी कंपनी जो एक से अधिक देशों में उत्पादन पर नियंत्रण और समन्वय रखती है बहुराष्ट्रीय कम्पनी कहलाती है। जैसे सैमसंग कोका कोला इत्यादि


Q विश्व बाजार संगठन क्या है और यह कब और को स्थापित किया गया?
उत्तर- विश्व व्यापार संगठन विश्व स्तर पर व्यापार से संबंधित नियम बनाती है और ध्यान रखती है कि नियम का पालन हो रहा है या नहीं। इसकी स्थापना जनवरी 1995 ई० में वैश्वीकरण को बढ़ावा देने के लिए किया गया


Q. भारत में सन 1991 ई० के आर्थिक सुधारों को आप क्या समझते हैं ?
उत्तर भारत में 1991 में नई आर्थिक सुधार लाए गए जिसमें निजीकरण, उदारी और वैधीकरण को जोड़ा गया है।


Q. उदारीकरण को परिभाषित करें।
उत्तर- जब सरकार अपने देश में लगाए गए सभी अनावश्यक नियंत्रण एवं प्रतिबंधों को हटा देती है तो इसे उदारीकरण कहा जाता है। जैसे-लाइसेंस, कोटा आदि को हटा देना


Q. निजीकरण से आप क्या समझते हैं।
उत्तर- जब निजी क्षेत्र द्वारा सार्वजनिक जाए तो इसे निजीकरण क्षेत्र के उद्योगों पर पूर्ण या आंशिक रूप से स्वामिल हो कहते हैं। भारत सरकार ने 1991 में निजीकरण की नीति अपनाई है।


दीर्घ उत्तरीय प्रश्न 

प्रश्न-1 एक बहुराष्ट्रीय कंपनी द्वारा किसी देश में अपनी उत्पादन इकाई लगाने के निर्णय पर किन बातों का प्रभाव पड़ता है ।
उत्तर- बहुराष्ट्रीय कंपनी द्वारा अपनी इकाई लगाने के निर्णय पर निम्न बातों का प्रभाव पड़ता है ।
(i) आधारभूत संरचना- बहुराष्ट्रीय कंपनी वहां इकाई
लगाना चाहेगी जहाँ  आधारभूत संरचना FC *जैसे बिजलीपरिवहन, बैंकिंग आदि व्यवस्था अच्छी हो ।
(ii) कच्चामाल की उपलब्धता- जहाँ कच्चा माल की
उपलब्धता अधिक तथा सस्ता हो कंपनी वहीं अपना इकाई लगाती है क्योंकि उत्पादन के लिए कच्चामाल की
आवश्यकता होती है ।
(ii) सस्ते श्रम की उपलब्धता- बहुराष्ट्रीय कंपनी सस्ते श्रम
की उपलब्धता वाले स्थान पर अपना इकाई लगाना चाहेगी
क्योंकि इससे वस्तुओं का उत्पादन करने का लागत कम
पड़ेगा ।
(iv)बाजार की उपलब्धता- उत्पादित वस्तुओं को बेचने के
लिए कंपनी ऐसे स्थान पर इकाई लगाती है जहाँ बड़ा
बाजार उपलब्ध हो ।
(v) सरकारी नीति- कंपनी अपना इकाई को लगाने के लिए
सरकार की नीतियों पर भी निर्भर रहता है ।


प्रश्न- 2 वैश्वीकरण का बिहार पर पड़े प्रभाव को बताएं ।
उत्तर- वैश्वीकरण का बिहार पर सकारात्मक एवं
नकारात्मक दोनों प्रभाव पड़ा है, जो निम्नलिखित है ।
सकारात्मक प्रभाव उल्लेखनीय
(i) कृषि उत्पादन में वृद्धि-बिहार के कृषि उत्पादन में वृद्धि हुई है ।
(ii) कृषि उत्पादन में वृद्धि-बिहार के कृषि उत्पादन में वृद्धि हुई है ।
 निर्यात में वृद्धि-बिहार से किए गए निर्यात में वृद्धि हुई
(iii)विदेशी प्रत्यक्ष विनियोग की प्राप्ति- विभिन्न देशों द्वारा
बिहार में विदेशी प्रत्यक्ष विनियोग भी किया गया है ।
(iv) शुद्ध राज्य घरेलू उत्पाद में वृद्धि-बिहार के शुद्ध राज्य घरेलू उत्पाद में वृद्धि हुआ है ।
(v) विश्वस्तरीय उपभोग वस्तुओं की उपलब्धता-बिहार बाजार में विभिन्न देशों के मोबाइल, जूवा उदि वस्तुएं
उपलब्ध है ।
(vi) रोजगार के अवसर में वृद्धि-बिहार के लोगों के लिए
विदेशों एवं देश के अन्य भागों में रोजगार के नए अवसर
उपलबद हुए हैं ।
(बिहार vii) बहुराष्ट्रीय में बहुराष्ट्रीय कंपनी बैंकों एवं जैसे बीमा HSBC कंपनियों बैंक का आदि आगमन का
आगमन हुआ है ।
नकारात्मक प्रभाव किया 
(i) कृषि एवं कृषि आधारित उद्योगों का बिहार में उपेक्षा
जा रहा है|
(ii) कुटीर एवं लघु उद्योग पर विपरीत प्रभाव पड़ा है ।
(iii) रोजगार पर विपरीत प्रभाव पड़ा है ।
(iv) आधारभूत संरचना के कम विकास के कारण बिहार में
कम निवेश हुआ है ।


प्रश्न-3. भारत में वैश्वीकरण के पक्ष में तर्क दें ।
उत्तर भारत में वैश्वीकरण के पक्ष में निम्नलिखित तर्क दिया
जा सकता है ।
(i) प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को प्रोत्साहन- इससे भारत को
अपने विकास के लिए पूँजी प्राप्त हो सकेगा ।
(ii) प्रतियोगी शक्ति में वृद्धि- इससे भारतीय अर्थव्यस्था का तवरित विकास लगा
(iii) नई प्रौद्योगिकी के प्रयोग में सहायक- विकसित देशों
द्वारा तैयार की गई नई प्रौद्योगिकी का प्रयोग भारत कर
पायेगा ।
(iv) अच्छी उपभोक्ता वस्तुओं की प्राप्ति- भारत में अच्छी
अच्छी गुणवत्ता की उपभोग वस्तुएँ कम कीमत पर उपलब्ध
हो पायेगा ।
(v) नये बाजार तक पहुँच- भारत के लिए दुनिया के बाजार
तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा !!
(vi) उत्पादन के स्तर को उन्नत करना- विदेशों के अच्छे
मशीन तथा तकनीक के प्रयोग से उत्पादन के स्तर को
उन्नत किया जा सकेगा ।
(vii) बैंकिंग तथा वित्तीय क्षेत्र में सुधार- अन्य देशों के 4/6
संपर्क में आने से बैंकिंग तथा वित्तीय क्षेत्र की कुशलता में
सुधार होगा ।
(viii) मानवीय पूंजी की क्षमता का विकास-विश्व के
विभिन्न देशों से शिक्षा, कौशल एवं प्रशिक्षण प्राप्त कर
मानवीय पूँजी का विकास किया जा सकेगा ।


प्रश्न-4. वैश्वीकरण का आम आदमी पर पड़े प्रभाव का चर्चा करें ।
उत्तर- वैश्वीकरण का आम आदमी पर सकारात्मक तथा
नकारात्मक दोनों प्रभाव पड़ा है जो निम्नलिखित है ।
सकारात्मक प्रभाव
-(i) उपयोग के आधुनिक संसाधनों की CC उपलब्धता आजविभिन्न देशों के संसाधन एवं उत्पादित वस्तुएँ आम लोगों के लिए सभी जगहों पर उपलब्ध है ।
(ii) रोजगार की बढ़ी हुई संभावना- उद्योगों के प्रसार से
आम लोगों के लिए रोजगार के नए-नए क्षेत्र खुल पाया है ।
(iii) आधनिक तकनीक की उपलब्धता- विकत देशों के आधुनिक तकनीक आज आम लोगों के उपयोग के लिए
उपलब्ध है । नकारात्मक प्रभाव
(i) सामान्यतः कम कुशल लोगों में बेरोजगारी बढ़ने की
आशंका बढ़ गई है ।
(ii) उद्योग और व्यवसाय के क्षेत्र में प्रतियोगिता बढ़ गई है ।
(iii) श्रमिक वर्ग पर बुरा प्रभाव पड़ा है ।
(iv) मध्यम और छोटे उद्योग एवं व्यवसाय के अस्तित्व पर
खतरा उत्पन्न हो गया है ।
(v) गाँव के छोटे एवं मध्यम वर्ग के किसानों के सामने
संकट उत्पन हो गया है ।

 

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