व्यापार और भूमंडलीकरण ( Vyapar avm bhumandalikaran) Subjective Question

व्यापार और भूमंडलीकरण

Social Science Class 10th Question Answer : व्यापार और भूमंडलीकरण ( Vyapar avm bhumandalikaran) Subjective Question दोस्तों यहां पर मैट्रिक परीक्षा 2023 सामाजिक विज्ञान सोशल साइंस क्लास 10th का इतिहास का सब्जेक्टिव क्वेश्चन आंसर दिया गया है एवं इसमें व्यापार और भूमंडलीकरण का लघु उत्तरीय प्रश्न तथा व्यापार और भूमंडलीकरण का दीर्घ उत्तरीय प्रश्न दिया गया है तो इसे आप लोग शुरू से लेकर अंत तक एक बार अवश्य पढ़ें और इस वेबसाइट पर आपको व्यापार और भूमंडलीकरण का ऑब्जेक्टिव क्वेश्चन आंसर भी मिल जाएगा।

 व्यापार और भूमंडलीकरण

⇒संयुक्त राष्ट्र मौद्रिक एवं वित्त नीति के लिए था बेदन चूड्स हुआ था |
 पूंजी पर आधारित एक व्यवस्था जो बाजार और मुनाफा पर टिका है पूंजीवाद कहलाता है ।
⇒ सोवियत रूस और अमेरिका के बीच शीत चल रहा था
 भूमंडलीकरण शब्द का पहला प्रयोग 1990 ई० में अमेरिका के जॉन विलियमसन ने किया था
भूमंडलीकरण की शुरुआत 1990 के दशक में या 1991 ई० में हुई थी ।
⇒W.T.O. अर्थात विश्व व्यापार संगठन की स्थापना 1995 में जेनेवा में हुई थी
प्राचीन काल शिया और यूरोप का व्यापार रेशम मार्ग से हो रहा था |
विस्तार 18वीं शताब्दी में माना जाता है।  विश्व बाजार आर्थिक संकट
के कारण यूरोप में नई शासन प्रणाली फासीवादी नाजीवादी
शासन प्रणाली का उदय हुआ था |

 वैसा स्थान जहां व्यापारिक और औद्योगिक कहोता है, शेयर बाजार कहलाता है।
⇒कंपनियों में पूंजी लगाकर उसका हिस्सा पुनः उसे बेचना सट्टेबाजी कहलाता है
⇒कॉमर्स ऑफ नेशन पुस्तक यहाँ से के लेखक काडविक हैं।
के बाजार मूल्य का निर्धारण खरीदना ताकि उसका मूल्य बढ़े, तो
आर्थिक मंदी के कारण 1933 तक 4000 से अधिक बैंक बंद हो चुके थे
और लगभग 1.10,000 कंपनियां चौपट हो गई थी।
 आर्थिक मंदी का अधिक प्रभाव जर्मनी और ब्रिटेन पर पड़ा था।
 आर्थिक मंदी में गेहूं की कीमत 50% तक गिर गई थी
 प्रथम विश्व युद्ध के बाद ब्रिटेन का प्रभाव छित्र (समाप्त) हो गया था
 अमेरिकी राजनीति में रुजवेल्ट ने 1932 में न्यू डील नई व्यवस्था लागू की थी।
⇒ 1932 ई० में लो जॉन सम्मेलन हुआ था।

एक क्रांति और औद्योगिक की शुरुआत इंग्लैंड से हुई।
विश्व में सबसे पहले अलेक्जेंड्रिया विश्व बाजार के रूप में उभर कर आया |
⇒अलेक्जेंड्रिया शहर की स्थापना लाल सागर के मुहाने पर सिकंदर ने किया था
⇒वाष्प इंजन या भाप इंजन का आविष्कार जेम्स वाट ने किया।
⇒गिरमिटिया मजदूर अनुबंधित मजदूर को कहा जाता था |
⇒गिरमिटिया मजदूर उत्तर प्रदेश के पूर्वी क्षेत्र से एवं बिहार के पश्चमी क्षेत्र से भेजे जाते थे |
⇒गिरमिटिया मजदूर को सामान्यतः कृषि कार्य में लगाया जाता था। जिसकी आय सामान्यतः कम होती थी।
⇒विश्व बाजार के स्वरूप का आधार कपड़ा उद्योग था।
⇒ 1820 से 1914 के बीच विश्व बाजार में 25 से 40 गुणा वृद्धि हुई थ
⇒प्रथम विश्व युद्ध 1914 -1918 तक चला था। जिसमें जर्मनी तबाह हुआ।
 महान आर्थिक मंदी 1929 में आयी थी।
⇒ 1944 में अमेरिका के न्यू हैंपशायर में ब्रेटन वूड्स
द्वितीय महायुद्ध के बाद यूरोप में आर्थिक दुष्प्रभावों को समाप्त करने के लिए यूरोपीय संघ की स्थापना हुई।
⇒विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की स्थापना 1946 में हुई।
 नई आर्थिक नीति ने भूमंडलीकरण की प्रक्रिया को तीव्र किया।
सम्मेलन हुआ

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न  – 1  विश्व बाजार किसे कहते हैं ?
उत्तर:- विश्व बाजार उस बाजार को कहते हैं जहां विश्व के विभिन्न देशों की वस्तुएं आम लोगों के लिए उपलब्ध हो । जैसे- भारत की वित्तीय राजधानी मुंबई आदि । भूमंडलीकरण के कारण विभिन्न देशों के बीच व्यापार प्रारंभ होने से इन Marwari देशों के वस्तुएँ आज ऐसे बाज़ारों में है । 


प्रश्न  – 2 औद्योगिक क्रांति क्या है ?
उत्तर- उद्योग अथवा व्यापार के क्षेत्र में हुए बहुत बड़े परिवर्तन को औद्योगिक क्रांति कहा जाता है | इसकी शुरुआत वर्ष 1750 में इंग्लैंड में हुई थी ।


प्रश्न -३  आर्थिक संकट से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर- जब कभी अर्थव्यवस्था के तीनों क्षेत्र या एक भी क्षेत्र डगमगा जाते हैं तो उस देश में अर्थ का संकट हो जाता है। इस स्थिति को आर्थिक संकट कहते हैं। वर्ष 1929 में विश्वव्यापी आर्थिक संकट आई।


प्रश्न  -4 भूमंडलीकरण किसे कहते
उत्तर – देश की अर्थव्यवस्था को विश्व की अर्थव्यवस्था के साथ जोड़ना भूमंडलीकरण कहलाता है। वास्तव में भूमंडलीकरण निजीकरण, उदारीकरण और वैश्वीकरण की देन है| भूमंडलीकरण आत 1990 के दशक में हुई थी|


प्रश्न -5  ब्सरिटेन म्मेलन का मुख्य उद्देश्य क्या था ?
वुड्स सम्मेलन जुलाई 1944 में अमेरिका के न्यू हैंपशायर में हुआ था। उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की स्थापना करना था ।


प्रश्न-6  बहुराष्ट्रीय कंपनियां क्या है?
उत्तर:- एक से अधिक देशों में एक ही साथ व्यापार और व्यवसाय करने वाले कंपनियों को बहुराष्ट्रीय कंपनियां कहा जाता है । ऐसे कंपनियां कम लागत पर वस्तुओं का उत्पादन करने के लिए एक से से अधिक देशों में उद्योगों का स्थापना करता है ।कम मूल्य पर वस्तुओं उद्देश्य को बाजार में उपलब्ध कराना ही ऐसे कंपनियों का होता है ।


लघु उत्तरीय प्र्त्सन 

प्रश्न-1. 1929 के आर्थिक संकट के कारणों को संक्षेप में बतावें ।
उत्तर- 1929 के आर्थिक संकट के निम्नलिखित कारण थे ।
(i) कृषि के क्षेत्र में अत्यधिक उत्पादन से वस्तुओं के कीमत में कमी आई ।

(ii) गरीबी और बेरोजगारी से वस्तु को खरीदने वाले नहीं रहे जिससे उत्पादन की प्रक्रिया धीमी हो गयी ।
(iii) अमेरिका द्वारा कर्ज देना बंद कर दिया जिससे कर्ज पर आश्रित देशों के लिए संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई


प्रश्न- 2 औद्योगिक क्रांति ने किस प्रकार विश्व बाजार के स्वरूप को विस्तृत किया?
उत्तर- औद्योगिक क्रांति के फलस्वरूप उद्योगों में अत्यधिक वस्तुओं का उत्पादन होने लगा । उत्पादित वस्तुओं को बेचने के लिए ब्रिटेन विभिन्न जैसे देशों कई के शक्तिशाली बीच व्यापार प्रारंभ हुआ । दूसरी ओर देशों ने कमजोर राष्ट्रों को अपना उपनिवेश बना कर वहां वस्तुएं बेचने लगे । जिससे इन क्षेत्रों में विश्व के विभिन्न देशों के वस्तुएँ उपलब्ध होने लगा । इस प्रकार
औद्योगिक क्रांति से धीरे-धीरे विश्व बाजार का स्वरूप विस्तृत हुआ ।


प्रश्न-3 विश्व बाजार के स्वरूप को समझाएं ।
उत्तर:- विश्व बाजार ऐसे बाजार को कहते हैं जहां विश्व के विभिन्न देशों की वस्तुएं आम लोगों के लिए उपलब्ध हो । जैसे भारत का वित्तीय राजधानी मुम्बई आदि । वैश्वीकरण के कारण ही आज विश्व बाजार का स्वरूप “देखने को मिलता है ।

यह निम्नलिखित को जन्म दिया ।
1 व्यापार का विकाश
11 श्रमिकों का पलायन ।
111 पूँजी का प्रवाह ।


प्रश्न-4  भूमंडलीकरण में बहुराष्ट्रीय कंपनियों के योगदान को स्पष्ट करें ।
उत्तर:- भूमंडलीकरण में बहुराष्ट्रीय कंपनियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है । बहुराष्ट्रीय कंपनियां एक से अधिक देशों में एक साथ व्यापार एवं व्यवसाय करने करते है । जिसके कारण विश्व के विभिन्न अर्थव्यवस्थाएँ एवं क्षेत्र एक-दूसरे के साथ जुड़ गया है । इस प्रकार विभिन्न अर्थव्यवस्थाओं एवं क्षेत्रों के आपस में जुड़ने की यही प्रक्रिया भूमंडलीयकरण कहलाता हैं ।


प्रश्न-5  1950 ई 0 के बाद विश्व अर्थव्यवस्था के पुनर्निर्माण के लिए किए जाने वाले प्रयासों पर प्रकाश डालें ।
उत्तर:- द्वितीय विश्वयुद्ध के दौड़ान काफी तबाही हुई थी । इससे निपटने के लिए पुनर्निर्माण का कार्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संयुक्त राष्ट्र संघ के माध्यम से किया गया । विभिन्न देश अपने स्तर से योजना बना कर वित्तीय भी इस कार्य को करने का प्रयास किया । अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष तथा विश्व बैंक की स्थापना की गई ।


प्रश्न-6  भूमंडलीकरण के भारत पर प्रभाव को स्पष्ट करें ।
उत्तर- भूमंडलीकरण का भारत पर निम्नलिखित प्रभाव पड़ा ।
(i) सेवा क्षेत्र का काफी तेजी गति से विस्तार हुआ ।
(ii) रोजगार के नए अवसर खुले ।
(iii) विभिन्न देशों के वस्तुएं भारत में उपलब्ध होनेलगा एवं भारत की वस्तुएं विभिन्न देशों में भी उपलब्ध है ।
(iv) सूचना एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत आज विश्व का अग्रणी देश बन पाया ।
(v) विभिन्न देशों में भारतीयों को रोजगार मिला, आदि ।


प्रश्न-7. विश्व बाजार के लाभ-हानि पर संक्षिप्त टिप्पणी
लिखें ।
उत्तर:- विश्व बाजार का लाभ
(i) व्यापार एवं उद्योग तेजी से बढ़ा ।
(ii) आधुनिक बैंकिंग व्यवस्था का शुरुआत हुआ ।
(iii) रेलमार्ग, सड़क, बंदरगाह आदि का विकास हुआ ।

(iv) कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन हुआ  हानियाँ
(i) कुटीर उद्योगों का समाप्त होने लगा ।
(ii) उपनिवेशों का शोषण और अधिक होने लगा ।
(iii) भुखमरी, गरीबी आदि संकट उत्पन्न हुआ


दीर्घ उत्तरीय प्रश्न 

प्रश्न-1.  1929 ई 0 के आर्थिक संकट के कारण और
परिणाम को स्पष्ट करें ।
उत्तर 1929 ई 0 के आर्थिक संकट के कारण लेकिन

(i) नई उत्पादित तकनीकी वस्तुओं प्रगति से उत्पादन खरीददार में तो भारी वृद्धि हुई जिससे वस्तुओ के मूल्यों में का कमी आई । बहुत कम थे ।
(ii)कृषि उत्पादन एवं संसाधन के मूल्यों में भी कमी कृषि उत्पादन एवं संसाधन के मूल्यों में भी कमी आई ।
(iii) औद्योगीकरण के फलस्वरुप कुटीर उद्योग, मजदूरों एवं किसानों की स्थिति दयनीय हो गई ।
(iv) अमेरिका को संकट के संकेत मिलते ही उसके द्वारा
यूरोपीय देशों को दिया गया कर्ज वापस मांगने लगा ।जिससे

(v) अमेरिकी यूरोपीय पूँजीपतियों देशों में संकट द्वारा की सट्टा स्थिति लगाना उत्पन्न भी संकट हो गई के रूप में सामने आया । परिणाम 

(i)व्यापार में गिरावट ।
(ii) कृषि उत्पादों के मूल्यों में कमी आई ।
(iii) किसानों की स्थिति दयनीय हो गयी । बेरोजगारी, भुखमरी, गरीबी आदि बहुत बढ़ गई


प्रश्न-2. 1945 से 1960 के बीच विश्व स्तर पर विकसित
होने वाले आर्थिक संबंधों पर प्रकाश डालें ।
उत्तर- 1945 से 1960 के बीच विश्व स्तर पर विकसित होने वाले आर्थिक संबंधों को तीन क्षेत्रों में विभाजित कर प्रकाश डाला जा सकता है ।
(i) संपूर्ण विश्व दो गुटों में विभाजित हो गया:- समाजवादी अर्थव्यवस्था अर्थव्यवस्था फैले तथा पूंजीवादी देशों का नेतृत्व अर्थव्यवस्था संयुक्त । राज्य पूंजीवादी अमेरिका कर रहा था जबकि समाजवादी अर्थव्यवस्था का नेतृत्व रूस

(ii) कर अमेरिका रहा था का । प्रमुख उद्देश्य उसमाजवादी अर्थव्यवस्था और विचारधारा के बढ़ते प्रभाव रोकना था । संयुक्त राज्य अमेरिका ने कई अन्य देशों पर अपना नीतियों को थोपने का भी काम किया ।
(iii) नए-नए स्वतंत्र एशिया तथा अफ्रीका के देशों के बीच नया एक-आर्थिक दूसरे से आर्थिक संबंध का एवं विकास राजनीतिक हुआ क्योंकि दोनों प्रकार ऐसे देशों के को
सहयोग चाहिए था ।


प्रश्न-3. भूमंडलीकरण के कारण आम लोगों के जीवन में
आने वाले परिवर्तन को स्पष्ट करें ।
उत्तर:- भूमंडलीकरण से विश्व के विभिन्न अर्थव्यवस्थाओं
के बीच वस्तुओं का आदान प्रदान आसानी से हो पाया है
जिससे आम लोगों के जीवन में निम्नलिखित परिवर्तन
स्पष्ट रूप से देखा गया । आवश्यकताओं के
(i) भूमंडलीकरण ने आम लोगों के

(ii) आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए नए मिला-नए । उद्योगों का स्थापना हुआ जिस में लोगों को रोजगार
(II1) कई प्राइवेट कंपनिया, बँक,डाक fc सेवा,इंटरनेट कंप्यूटर आदि के विकास से आम लोगों को इन क्षेत्रों में रोजगार मिला है ।
(iv) इसके परिणाम स्वरूप लोगों के जीवन स्तर में सुधार आया है ।
(v) भूमंडलीकरण से सेवा क्षेत्र जैसे परिवहन, सूचना एवं तकनीक जीवन आदि में काफी विस्तार हुआ जो आम आदमियों के को सुविधा प्रदान किया है ।


प्रश्न- 4.1919 से 1945 के बीच विकसित होने वाल राजनैतिक और आर्थिक संबंधों पर टिप्पणी लिखें ।
उत्तर- 1929 ई 0 में आए विश्वव्यापी आर्थिक मंदी के
कारण 1919 ई 0 से 1945 ई 0 के बीच विकसित होने
वाले राजनीतिक और आर्थिक संबंधों दो भागों में बांट
कर टिप्पणी किया जा सकता है ।
(i) 1919 ई 0 से 1929 ई 0 तक:- प्रथम विश्वयुद्ध होने के बाद 1919 ई 0 के बाद विश्व पर से यूरोप का प्रभाव कम हो गया लेकिन अभी भी एशिया तथा अफ्रीका के उपनिवेशों पर उसका पकड़ बना हुआ था । यूरोप के स्थान पर अमेरिका, जापान, तथा सोवियत संघ का विश्व राजनीति में प्रभाव बढ़ा ।

(ii) 1929 ई 0 से 1945 ई 0 तक:- 1929 ई 0 का आर्थिक मंदी का प्रारंभ अमेरिका से हुआ लेकिन इसका प्रभाव लगभग पूरे विश्व पर पड़ा । आर्थिक मंदी का लाभ उठाते हुए इटली में मुसोलिनी तथा जर्मनी में हिटलर का उदय हुआ ।


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