शहरी करण एवं शहरी जीवन Shahri Karan Shahri Jivan Subjective Question Answer

शहरी करण एवं शहरी जीवन Shahri Karan Shahri Jivan

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 शहरीकरण एवं शहरी जीवन
⇒ औद्योगिक क्रांति की शुरुआत इंग्लैंड में हुई थी।
⇒ 1810 से 1880 तक के में इंग्लैंड की आबादी 10 लाख से बढ़कर 40लाख हे
⇒ गई किसी देश का विशाल और घनी आबादी वाला शहर जो प्रायः वहां की
⇒ राजधानी होती है महानगर कहलाता है।
⇒ पटना नगर के गौरव को सुप्रसिद्ध शेरशाह सूरी ने किया था
⇒ अशोक के समय पटना व्यापारिक केंद्र था।
⇒ 1786 में गालघर का निर्माण हुआ था।18वीं शताब्दी में पटना की आबादी 3 लाख से अधिक थी।
⇒ के दसवें गुरु गुरु गोविंद सिंह का जन्म पटना में हुआ था |
⇒ बिहार का एक पृथक राज्य बना |
⇒ 1911 ई० में बिहार उड़ीसा और बंगाल से अलग हुआ।
⇒ कोलकाता के बाद पटना पूर्वी भारत का सबसे बड़ा नगर है।
⇒ जनसंख्या का घनत्व महानगर में अधिक होता है।
⇒  1870 में लंदन में अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा लागू की गई थी।
⇒  1902 में लंदन में फैक्ट्री कानून बना था
⇒ गार्डन सिटी (बगीचों का शहर) की अवधारणा एवेनेजर हावर्ड ने विकसित की।
⇒  सबसे पहली भूमिगत रेल 1880 में चली ।
⇒ महिलाओं ने मताधिकार के लिए 1870 में आंदोलन किया
⇒ मध्यमवर्ग बुद्धिजीवी वर्ग के रूप में उभर कर आया |
⇒  शहरों में बेरोजगारी, अस्वच्छता इत्यादि को जन्म दिया।
⇒ मुंबई में पहला कपड़ा मिल की स्थापना 1854 में हुई
⇒  1898 में सिटी आफ मुंबई इम्प्रूव मैन ट्रस्ट की स्थापना की गई।
⇒  पटना नगर की स्थापना छठी शताब्दी ई० पूर्व में मगध के शासक अजातशत्रु के द्वारा की गई।
⇒ पटना कालांतर में मगध साम्राज्य की राजधानी बनी
⇒ शहरों में गांव की तुलना में आबादी अधिक होती है ।
⇒ गांव में खेती और पशुपालन आजीविका का मुख्य आधार होता है।
⇒  नगरीय तथा आधुनिकता एक दूसरे के पूरक होते हैं ।
⇒ ग्रामीण अंचल में एक छोटा नगर कस्बा कहलाता है।
⇒ • एक छोटे स्थानीय बाजार को गंज कहा जाता है
पटना भारत का 14 सर्वाधिक आबादी वाला नगर है।
⇒  सामंती व्यवस्था से हटकर प्रगतिशील प्रवृत्ति की शहरी व्यवस्था की गई।
 शहर को आधुनिक व्यक्ति का प्रभाव क्षेत्र कहा जाता है।
⇒ स्थायी कृषि के प्रभाव से संपत्ति का जमाव संभव हुआ
⇒  आधुनिक काल में औद्योगिकरण ने शहरीकरण को प्रभावित किया |
⇒ पूंजीपति वर्ग के द्वारा सभी वर्गों का शोषण हुआ।

लघु उत्तरीय प्रश्न 

प्रश्न-1  किन तीन प्रक्रियाओं के द्वारा आधुनिक शहरों की
स्थापना निर्णायक रूप से हुई ।
उत्तर- निम्नलिखित तीन प्रक्रियाओं के द्वारा आधुनिक शहरों की स्थापना निर्णायक रूप से हुई ।
(i) औद्योगिक पूंजीवाद का उदय ।
(ii)विश्व के विशाल भूभाग पर अपनी औपनिवेशिक शहरों की स्थापना निर्णायक रूप से हुई 
(i) औद्योगिक पूंजीवाद का उदय ।
(ii) विश्व के विशाल भूभाग पर अपनी औपनिवेशिक शासन की स्थापना ।
(iii) लोकतांत्रिक आदर्शों का विकासा


प्रश्न-2  समाज का वर्गीकरण ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में
किस भिन्नता के आधार पर किया जाता है?
उत्तर- समाज का वर्गीकरण ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में निम्नलिखित आधार पर किया जा सकता है ।
(i) गांव की जनसंख्या घनत्व कम होता है जबकि नगरों में अधिक होता है ।
(ii) गांव में खेती और पशुपालन लोगों का मुख्य पेशा है जबकि शहरों के लोगों का मुख्य पेशा व्यापार और औद्योगिक कार्य होता है ।
(iii) ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात, स्वास्थ्य जितना, शिक्षा कि आदि शहरों सुविधाएं उतना बेहतर नहीं होता है में यह सुविधाएं बेहतर होती है ।


प्रश्न- 3 आर्थिक तथा प्रशासनिक संदर्भ में ग्रामीण तथा
नगरीय बनावट के दो प्रमुख आधार क्या है?
उत्तर- आर्थिक एवं प्रशासनिक के संदर्भ में ग्रामीण तथा नगरीय बनावट की दो प्रमुख आधार निम्नलिखित है ।
(i) ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ, यातायात आदि की विधाए अच्छी 0:42 नहीं होती है जबकि यह सुविधाए शहरों में बेहतर होता है ।
(ii) ग्रामीण क्षेत्र में कृषि आधारित आर्थिक क्रियाएं अधिक होती है जबकि नगरों में कम या नहीं होती है ।


प्रश्न-4  गांव के कृषिजन्य आर्थिक क्रियाकलापों की
विशेषता को दर्शायें ।
उत्तर- गांव की कृषिजन्य आर्थिक क्रियाकलाप की विशेषताएं निम्नलिखित हैं ।
(i) गांव के अधिकांश लोग आर्थिक कियाकलापों से जुड़े हुए  हैं ।
(ii) गांव के लोगों को अधिकांश वस्तुएं कृषिजन्य क्रियाकलापों से ही प्राप्त होता है ।
(iii) अधिकांश लोगों का जीवन निर्वाह कृषिजन्य आर्थिक क्रियाकलापों के माध्यम से ही होता है ।


Q 5 शहर किस प्रकार के क्रियाओं का केंद्र होता है?
उत्तर- शहर आर्थिक क्रियाओं जैसे- रोजगार, सामान्य सुविधाओं, अच्छी अस्पताल आदि का केंद्र होता है ।


प्रश्न-6  नगरीय जीवन एवं आधुनिकता एक दूसरे से अभिन्न रूप से कैसे जुड़े हुए हैं?
उत्तर- गांव की अपेक्षा नगरीय जीवन आधुनिकता से अभिन्न रूप से इसलिए जुड़े हुए होते हैं क्योंकि प्रकार नगरों में मनुष्य को सेवा प्रदान करने के लिए विभिन्न की आधुनिक एवं प्रकार तकनीकी सुविधाएं ग्रामीण उपलब्ध क्षेत्रों रहती में है । है । जबकि इस प्रकार की सुविधाएं ग्रामीण क्षेत्रों में नहीं होती हैं । 


प्रश्न- 7 नगरों में विशेषाधिकार प्राप्त वर्ग अल्पसंख्यक है । ऐसी मान्यता क्यों बनी है?
उत्तर- नगरों में विशेषाधिकार प्राप्त वह वर्ग होते हैं जो सामाजिक तथा आर्थिक दृष्टि से अधिक पर ऐसे संपन्न लोगों एवं को खुशहाल होते हैं । जिसके विभिन्न क्षेत्रों में विशेषाधिकार  लेकिन गरों में मिशेष्किार प्राप्त एसे लोग बहुतीनगरों में विशेषाधिकार प्राप्त ऐसे लोग बहुत ही कम है कि(विशेषाधिकार अल्पसंख्यक)होते प्राप्त है । वर्ग अतः अल्पसंख्यक नगरों में ऐसी मान्यता होते है


प्रश्न-8  शहरों के उद्भव में मध्यवर्ग की भूमिका किस प्रकार की रही?
उत्तर- शहरों के उद्भव में मध्यवर्ग की पेशों महत्वपूर्ण जैसे- शिक्षक, भूमिका रही है । मध्यमवर्ग विभिन्न वकील, डॉक्टर, इंजीनियर आदि में जुड़े रहकर शहरों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया वर्ष है । वर्ग अपना सेवा देने वाला(वेतनभोगी वर्ग के रूप में
उभर कर सामने आया ।


Q 9 शहरों ने किन-किन नई समस्याओं को जन्म दिया
उत्तर- शहरों ने निम्नलिखित नई समस्याओं को जन्म
(i) घनी आबादी के कारण बेरोजगारी
(ii) यातायात की समस्या
(iii) गंदगी की समस्या
(iv) ध्वनी की समस्या


दीर्घ उत्तरीय प्रश्न 

प्रश्न1 -1.  शहरों के विकास की पृष्ठभूमि एवं इसके प्रक्रिया पर प्रकाश डालें?
उत्तर- मानव सभ्यता के विकास के साथ-साथ शहरों का भी उदय और विकास हुआ । ऐसे क्षेत्रों का उदय मुख्यत: व्यापार मार्ग तथा औद्योगिक क्षेत्रों के आसपास अथवा परिणामस्वरुप बंदरगाहों के किनारे उद्योगों में हुआ । औद्योगीकरण के का स्थापना तीव्र गति से हुआ । इनउद्योगों में बड़े पैमाने पर मजदूर वर्ग रोजगार प्राप्त करने के उद्देश्य से आए और इन उद्योगों के आसपास बस गए । यहाँ बसे लोगों को सेवा प्रदान करने के लिए मध्यवर्ग जैसे — शिक्षक, डॉक्टर आदि का उद्भव हुआ । जिससे नगरों का उदय एवं विकास हुआ ।औद्योगीकरण के परिणामस्वरूप शहरों में श्रमिक पूंजीपतियों एवं व्यापारियों आदि का आगमन होने से यातायात, स्वास्थ्य आदि सुविधाएं बेहतर होने लगा । यहां विश्वस्तरीय वस्तुएं उपलब्ध होने लगा । इस प्रकार गांव के अपेक्षा शहरों का विकास तीव्र गति से हुआ ।


प्रश्न-2  ग्रामीण तथा नगरीय जीवन के बीच की भिन्नता को स्पष्ट करें ।
उत्तर- ग्रामीण तथा नगरीय जीवन के बीच निम्नलिखित भिन्नता पाई जाती है । ग्रामीण जीवन नगरीय जीवन गांव की जनसंख्या
(i) नगर की जनसंख्या घनत्व कम होती है । घनत्व अधिक होती है ।
 यहां के लोगों का
(ii) यहां के लोगों का मुख्य मुख्य पेशा कृषि तथा पशु पेशा व्यापार एवं उत्पादन
हाल होता है? होता है ।
(III) गाव का आधारभूत (III) नगरा का आधारभूत सुविधाएं जैसे- शिक्षा, सुविधाएं जैसे- शिक्षा, स्वास्थ्य, यातायात आदि स्वास्थ्य एवं यातायात आदि का अभाव होता है । बेहतर होता है । गांव का वातावरण
(iv) यहां की वातावरणप्राकृतिक एवं स्वच्छ रहता प्रदूषित एवं स्वास्थ्य नहीं
रहता है ।
(v) ग्राम में रोजगार की नगरों में रोजगार की संभावनाएं कम होती है । संभावनाएं अधिक होती है ।


प्रश्न- 3 शहरी जीवन में किस-किस प्रकार के सामाजिक बदलाव आए ।
उत्तर- शहरी जीवन में निम्नलिखित सामाजिक बदलाव आए ।
(i) शहरों में सामूहिक पहचान के सिद्धांत को बढ़ावा मिला और कम स्थान में विभिन्न प्रकार के लोगों के रहने से पहचान की भण्डबढ़ी ।
(ii) मध्यम एवं शिक्षित वर्ग का उदय हुआ जैसे- डॉक्टर, वकील, शिक्षक,इंजीनियर, व्यापारी आदि ।
(iii) 5 पूंजीपति seconds वर्ग का उदय हुआ जो पूंजी के आधार पर, उद्योगों पर नियंत्रण रखता है अथवा इसे चलाता है । यह मजदूर वर्ग का शोषण करता है ।
(iv) श्रमिकों के जीवन में भी काफी बदलाव आया । रोजगार के खोज में गांव से मजदूर वर्ग शहरों में आकर बसने लगे ।
(v) शहरों में लोगों को रोजगार मिलने लगे यहां के लोगों का जीवन स्तर में सुधार आया ।


प्रश्न-4 शहरीकरण की प्रक्रिया में व्यवसायी वर्ग, मध्यम वर्ग एवं मजदूर वर्ग की भूमिका की चर्चा करें ।
उत्तर:-शहरीकरण की प्रक्रिया में तीनों वर्ग की भूमिका
निम्नलिखित है ।
(i) व्यवसायी वर्ग की भूमिका:- शहरों में कारखानों की स्थापना के परिणाम स्वरूप व्यवसायी यहां व्यापार के लिए आए और इनमें से कुछ यहीं बस गए व्यसादियों
(ii) मध्यम वर्ग की भूमिका:- मध्यमवर्ग जैसे शिक्षक, डॉक्टर, वकील, इंजीनियर आदि शहरों में अपना सेवा प्रदान करने आए और धीरे-धीरे यही बसने लगे । इससे शहरीकरण की प्रक्रिया तीव्र गति से हुआ ।
(iii) मजदूर वर्ग की भूमिका:- शहरों में नए नए कारखानों का स्थापना हुआ और इन कारखानों में गज सेउवर वर्ग निम्नलिखित है ।
(i) व्यवसायी वर्ग की भूमिका:- शहरों में कारखानों की स्थापना के परिणाम स्वरूप व्यवसायी यहां व्यापार के लिए आए बसने और इनमें से कुछ यहीं बस गए । व्यवसायियों के यहां से नगरों का विकास हुआ ।
(ii) मध्यम वर्ग की भूमिका:- मध्यमवर्ग जैसे शिक्षक, ऑॉक्टर, वक़ील इंजीनियर आदि शहरों में अपना से


प्रश्न- 5 औपनिवेशिक शहर के रूप में मुंबई शहर के विकास
की समीक्षा करें ।
उत्तर:- 19 वीं शताब्दी के अंत तक मुंबई का फैलाव तेजी गति से हुआ जनसंख्या था । प्रारंभ में मुंबई सात टापुओं का शहर था जैसे-जैसे बढ़ी तो इन टापू को एक दूसरे के साथ जोड़ दिया गया । इससे एक बड़ा शहर का निर्माण हुआ जिसे हम मुंबई कहते हैं । मुंबई में एक प्रमुख बंदरगाह होने के कारण अंतरराष्ट्रीय व्यापार का केंद्र रहा है । इस बंदरगाह से कपास, अफीम एवं अन्य कच्चे माल को अन्य जगहों पर बड़ी मात्रा में भेजा जाता था ।
11 औद्योगीकरण के परिणाम स्वरूप यहाँ भी तीनचऔद्योगीकरण के परिणाम स्वरूप यहां भी तीन वर्गों उदय हुआ-.
(i) पूंजीपति वर्ग,
(ii) मध्यम वर्ग और
(iii) मजदूर वर्ग । 1800 ईसवी के आसपास मुंबई दो भागों में बटा हुआ था एक भाग में नेटिव रहते थे और दूसरे भाग में यूरोपीय या गोरे रहते थे ।


 

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