हिंद चीन में राष्ट्रवादी आंदोलन ( Hind Chin me Rashtrawadi Andolan) Subjective Question

 हिंद चीन में राष्ट्रवादी आंदोलन 

Social Science Class 10th Question Answer : हिंद-चीन में राष्ट्रवादी आंदोलन ( Hind Chin me Rashtrawadi Andolan) Subjective Question दोस्तों यहां पर मैट्रिक परीक्षा 2023 सामाजिक विज्ञान सोशल साइंस क्लास 10th का इतिहास का सब्जेक्टिव क्वेश्चन आंसर दिया गया है एवं इसमें हिंद-चीन में राष्ट्रवादी आंदोलन का लघु उत्तरीय प्रश्न तथा हिंद-चीन में राष्ट्रवादी आंदोलन का दीर्घ उत्तरीय प्रश्न दिया गया है तो इसे आप लोग शुरू से लेकर अंत तक एक बार अवश्य पढ़ें और इस वेबसाइट पर आपको हिंद-चीन में राष्ट्रवादी आंदोलन का ऑब्जेक्टिव क्वेश्चन आंसर भी मिल जाएगा।


हिंद चीन में राष्ट्रवादी आंदोलन 

⇒ 1510 ई० में पुर्तगालियों ने मलक्का को व्यापारिक केंद्र बनाय
 1931 ई० तक वियतनाम विश्व क देश बन गया था।
⇒ हिंद चीन में बसने वाले फ्रांसीसी कोलोन कहे जाते थे
⇒हिस्ट्री ऑफ द लॉस ऑफ वियतनाम के लेखक फाउं बोई चाऊ थे।
⇒हो ची मिन्ह का शाब्दिक अर्थ पथ प्रदर्शक होता है ।
⇒ हौआ हीआ एक बौद्धिक धार्मिक क्रांतिकारी आंदोलन था जो वर्ष 1939 में शुरू हुआ था इसके नेता हुइन्ह फुन्सों
⇒25 दिसंबर 1955 ई० को लाओस में चुनाव के बाद राष्ट्रीय सरकार का गठन हुआ
 मई 1961 ई० को संयुक्त मंत्री मंडल का गठन हुआ
 नरोत्तम सिंहानुक कंबोडिया के शासक थे
 निक्सन अमेरिका का राष्ट्रपति थे
⇒1914 देशभक्तों ने एक वियतनामी राष्ट्रवादी दल का गठन किया था ।
⇒ हो ची मिन्ह का दूसरा नाम न्यूगन आई कवौक था |
⇒1925 में वियतनामी क्रांतिकारी दल का गठन हुआ था।अनानी दल का नेता जॉन न्गुएन आई था |
 जून 1940 में फ्रांस जर्मनी से हार गया | हो ची मिन्ह के नेतृत्व में देश भर के कार्यकर्ताओं ने वियतमिन्ह (वियतनाम) स्वतंत्रता लीग की स्थापना की स्थापना की |
 पौटज़ डम की घोषणा के तहत जापान ने आत्मसमर्पण कर दिया था।
⇒बाओ दाई ने 25 अगस्त 1945 को अपना पद छोड़ दिया।
 6 मार्च 1946 हनोई समझौता फ्रांस एवं वियतनाम के बीच हुआ था।
⇒1950 में रूस एवं चीन ने वियतनाम गणराज्य को मान्यता दे दी
⇒ 1954 ई० में जेनेवा समझौता हुआ था
⇒हिंद-चीन में कंबोडिया, वियतनाम और लाओस आते हैं।
⇒14वीं शताब्दी में कम्बूज राज्य की स्थापना हुई थी।
⇒ 12 वीं शताब्दी में राजा सूर्यवर्मा द्वितीय ने अंकोरवाट के मंदिर का निर्माण करवाया था
 अंकोरवाट का मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है
⇒1498 में वास्कोडीगामा ने भारत की खोज की थी।
 वास्कोडिगामा पुर्तगाली थे।
9 अक्टूबर 1970 ई० को Kambodiya गणराज घोषित किया गया है |
⇒ 5 अगस्त 1964 को अमेरिका ने उत्तरी वियतनाम पर आक्रमण किया।
⇒हो- ची मिन्ह मार्ग लाओस, कंबोडिया के सीमा क्षेत्र से गुजरता हुआ दक्षिणी वियतनाम तक जाता है |
⇒ 1968 में पेरिस में शांति वार्ता शुरू हुई।  निक्सन ने ४ सूत्री योजना रखी थी।
⇒27 फरवरी 1973 को पेरिस में वियतनाम युद्ध की समाप्ति के समझौते पर हस्ताक्षर हुआ |


अतिलघु उत्तरीय प्रश्न 

प्रश्न-1 एकतरफा अनुबंध व्यवस्था क्या थी?
उत्तर:- वियतनामी मजदूरों से बागानों में एकतरफा अनुबंध व्यवस्था के अंतर्गत काम करवाया जाता था । इस व्यवस्था के अंतर्गत मजदूरों को कोई अधिकार प्राप्त नहीं था जबकि मालिकों को अनेकों अधिकार प्राप्त होता था ।
इस अनुबंध के अंतर्गत मालिकों द्वारा मजदूरों से कम राजदूरी पर अधिक काम करवा कर नवः शोषण करता था | 


प्रश्न- 2 बायोदायी कौन था?
उत्तर:- बायोदायी दक्षिण वियतनाम का एक प्रांत उन्नाम का शासक था । जिसे फ्रांस तथा अमेरिका का समर्थन प्राप्त था । लेकिन इनका शासन साम्यवादियों के समक्ष टिकना कठिन था । अतः साम्यवादी राष्ट्रवादियों के बढ़ते विरोध के कारण बायोदायी को 25 अगस्त 1945 ई 0 को अपना पद छोरना परा |


प्रश्न-3  हिंद-चीन का अर्थ क्या हैं?
उत्तर: दक्षिण पूर्वी एशिया में हिंद-चीन देशों से अभिप्राय तत्कालीन समय में लगभग 3 लाख वर्ग किलोमीटर में फैले उस प्रायद्वीपीय क्षेत्र से है जिसमें आज के वियतनाम, लाओस और कंबोडिया के क्षेत्र आते हैं । इनकी उत्तरी सीमा म्यांमार एवं चीन को छूती है तो दक्षिण में चीन सागर के अलैख पश्चिम में म्यांमार के क्षेत्र पड़ते है ।


प्रश्न-4 जेनेवा समझौता कब और किन के बीच हुआ?
उत्तर:- जेनेवा समझौता फ्रांस और वियतनाम के बीच अमेरिकी हस्तक्षेप के
कारण 1954 ई 0 में हुआ था ।


प्रश्न- 5 होआ होआ आंदोलन की चर्चा करें ।
उत्तर:- होआ-होआ आंदोलन 1939 ई 0 में प्रारंभ हुआ था । जो एक बौद्धिक धार्मिक क्रांतिकारी आंदोलन था । इस आंदोलन में क्रांतिकारी उग्रवादी घटनाओं को भी अंजाम “ते थे जिसमें आत्मदाह तक भी शामिल था |


लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न- 1 हिंद-चीन में फ्रांसीसी प्रसार का वर्णन करें ।
उत्तर:- 17 वी शताब्दी तक बहुत से फ्रांसीसी व्यापारी, पादरी हिंद-चीन पहुंच गए थे । इसके बाद फ्रांस ने कोचीन के शासक से संधि कर अपना शक्ति बढ़ा लिया और कंबोडिया को भी अपने अधिकार क्षेत्र में ले लिया । इस तरह 20 वीं शताब्दी के प्रारंभ तक फ्रांस ने धीरे- धीरे सम्पूर्ण हिन्द-चीट को अपना अधिकार में  ले लिया 


प्रश्न-2 रासायनिक हथियारों एवं एजेंट ऑरेंज का वर्णन करें ।
उत्तर: रासायनिक हथियार नापाम अग्नि बमो में गैसोलिन को मिलाकर तैयार एक मिश्रण हैं जो त्वचा से चिपककर जलते रहता था । एजेंट ऑरेंज:- यह एक ऐसा जहर है जो पेड़ के पत्तियों है । जंगलों को तुरंत को झुलसा देता है । जिससे   पेड़ मर जाता हैं जंगलो  .को समाप्त करने के लिए इसका प्रयोग किया जाता हैं |


प्रश्न- 3  हो- ची मिन्ह के विषय में संक्षिप्त लिखें ।
उत्तर: हो-ची-मिन्ह 1917 ई 0 को पेरिस मेंसाम्यवादियों का एक गुट बनाया । साम्यवाद से प्रेरित होकर उसने 1925 में “दिगतनामी क्रांतिकारी दल” का गठन किया । अंत में इन्होंने वियतनाम के सभी की गुटों को एकजुट कर”वियतनाम कम्युनिस्ट पार्टी स्थापना किया जो पूर्णता उग्र विचारों पर चलने वाला एक पार्टी था |


प्रश्न-4  हो ची मिन्ह मार्ग क्या है? बताइए
उत्तर- हो ची मिन्ह मार्ग हनोई से चलकर लाओस, कंबोडिया के सीमा क्षेत्र से गुजरता हुआ दक्षिणी वियतनाम तक जाता था जिससे सैकड़ों कच्ची पक्की सड़कें निकलकर जुड़ी हुई थी | अमेरिका इसे अनेकों बार से क्षतिग्रस्त कर चुका था परंतु इसे पुनः ठीक कर लिया जाता


प्रश्न-5 अमेरिका हिंद-चीन में कैसे घुसा, चर्चा करें ।
उत्तर:- अमेरिका हिंद-चीन में फ्रांस को सहायता देने के बहाने से घुसा था और धीरे-धीरे साम्यवादियों के विरोध को समर्थन करने लगे । इन्हीं परिस्थितियों में मई 1954 ई 0 के जेनेवा समझौता के बाद दक्षिणी वियतनाम में अमेरिका का समर्थन वाला पूंजीवादी सरकार बनी


 

 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न 

प्रश्न-1 हिंद-चीन में  उपनिवेश स्थापना का उद्देश्य क्या था?
उत्तर:- फ्रांस द्वारा हिंद-चीन को उपनिवेश बनाने का उद्देश निम्नलिखित था ।
(i) भारत में फ्रांस कमजोर पड़ रहा था । फ्रांस ने हिंद चीन में इस उद्देश्य से अपना उपनिवेश स्थापित करना उचित समझा ताकि वह दोनों तरफ भारत एवं हिंद चीन को कठिन परिस्थितियों में भी संभाल सके ।
(11) फ्रांस ने औद्योगिक विकास के उद्देश्य से हिन्द चीन का निम्नलिखित था 
(i) भारत में फ्रांस कमजोर पड़ रहा था । फ्रांस ने हिंद चीन में इस उद्देश्य से अपना उपनिवेश स्थापित करना उचित समझा ताकि वह दोनों तरफ भारत एवं हिंद चीन को कठिन परिस्थितियों में भी संभाल सके । चीन को कठिन परिस्थितियों में भी संभाल सके ।
(ii) फ्रांस ने औद्योगिक विकास के उद्देश्य से हिंद-चीन में अपना उपनिवेश स्थापित करना चाहा क्योंकि यहाँ फ्रांस को उद्योग के लिए कच्चामाल प्राप्त हो सकता था तथा निर्मित वस्तुओ को बेचने के लिए बाजार भी मिल सकता था ।

(iii) अन्य यूरोपीय देशों के समान फ्रांस ने पिछड़ा देश हिन्द-चीन को विकसित करना अपना दायित्व समझा और इसी उद्देश्य से फ्रांस ने यहाँ अपना उपनिवेश स्थापित करना चाहा ।


प्रश्न- 2 माई ली गांव की घटना क्या थी? इसका प्रभाव क्या पड़ा?
उत्तर: माई ली गाँव की घटना:- माई ली गाँव दक्षिण ने इस गांव वियतनाम को घेर में कर स्थित पुरुषों एक गांव था । अमेरिकी सेना औरतों, बच्चियों को मार डाला तथा सामूहिक को बंधक बनाकर कई दिनों तक इन के साथ बलात्कार करता रहा । फिर कुछ दिनों बाद इन्हें भी मार कर परे गांव में आग लगा दिया लाशों के बीच दबा हुआ सामने एक बूढा उजागर बच किया गया था । जिसने इस घटना को विश्व के घटना का प्रभाव:- माई ली गांव की घटना का विश्व के सामने उजागर होने के बाद अमेरिकी सेना का निक्सन पूरे विश्व को में आलोचना शांति के लिए होने पाँच लगी । तब अमेरिकी राष्ट्रपति घोषण्ण सूत्री योजना की करना पड़ा । 


प्रश्न-3  राष्ट्रपति निक्सन के हिंद-चीन के संबंध में पांच सूत्री योजना क्या थी?
उत्तर:- राष्ट्रपति निक्सन ने हिंद चीन के संबंध में 5 सूत्री योजना की घोषणा की थी जो निम्नलिखित है ।
(i) हिंद चीन की सभी सेनाएँ युद्ध बंद कर अपने स्थान पर रहे ।
(ii)युद्ध विराम की देख-रेख अंतर्राष्ट्रीय पर्यवेक्षक करेंगे 
(iii) इस दौरान कोई भी देश अपनी शक्ति बढ़ाने का प्रयत्न नहीं करेगा ।
(iv)युद्ध विराम के दौरान सभी तरह की लड़ाइयाँ बंद रहेंगी ।
(v) युद्ध विराम का अंतिम लक्ष्य समूचे हिंद-चीन में संघर्ष का अंत होगा ।


प्रश्न-4  फ्रांसीसी शोषण के साथ-साथ उसके द्वारा किए गए सकारात्मक कार्यों की समीक्षा करें ।
उत्तर: फ्रांसीसी शोषण के साथ- साथ हिन्द-चीन में कई सकारात्मक कार्यों को भी किया है जोनिम्नलिखित है ।
(i) फ्रांसीसी ने नहरों एवं जलाशयों का समुचित प्रबंध
किया ताकि कृषि की उत्पादकता को बढ़ाने के लिएनिम्नलिखित है ।
(i) फ्रांसीसी ने नहरों एवं जलाशयों का समुचित प्रबंध किया ताकि कृषि की उत्पादकता को बढ़ाने के लिए सिंचाई किया जा सके ।
(ii) बंजर एवं कृषि के लिए अयोग्य भूमि को योग्य बना कर कृषि क्षेत्र को बढ़ाया गया ।
(i11) कृषि के क्षेत्र में फ्रांसीसी प्रयासों ने वियतनाम कोविश्व का तीसरा बड़ा चावल निर्यातक देश बना दिया ।
(iv) एक विशाल रेलमार्ग का निर्माण किया गया ।
(v) सड़कों का विस्तार किया गया ।
(vi) पुरानी शिक्षा के स्थान पर लोगों को आधुनिक
शिक्षा फ्रांसीसी भाषा में दिया गया – यहाँ के विकास के लिए उपर्युक्त प्रयासों के अतिरिक्त फ्रांस द्वारा ओर भी छोटे-छोटे प्रयास किये गए थे ।


प्रश्न- 5 हिन्द-चीन में राष्ट्रवाद के विकास का वर्णन करें ।
उत्तर:- हिन्द- चीन में राष्ट्रवादी भावनाओं के कारण फ्रांसीसीयों को शुरू से ही समय-समय पर विद्रोह का सामना करना पड़ रहा था । 20 वीं शताब्दी के प्रारंभ तक यह ओर भी अधिक हो गया । इसी बीच फान बोई चाऊ ने “द हिस्ट्री ऑफ लॉस ऑफ वियतनाम”नामक पुस्तक लिखकर लोगो में राष्ट्रवाद की भवन को ओर भी अधिक बढ़ा दिया । हिन्द-चीन के लोगो के राष्ट्रवाद का वियतनाम फायदा उठाते हुए हो-ची- मिन्ह ने 1930 ई 0 में के बिखरे हुए राष्ट्रवादी गुटों को एकजुट कर “वियतनाम कम्युनिष्ट पार्टी”की स्थापना किया था । यह पार्टी लोगो में राष्ट्रवाद के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाया । अत् फ्रांसीसियों के शोषणा से परेशान तथा राष्ट्रवाद से प्ररित होकर हिन्द-चीन में आंदोलन का शुरुआत होने लगा था ।

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