Bharat Mata Objective Question Answer

Bharat Mata

दोस्तों आपको इस पेज में क्लास 10th हिंदी गोधूलि भाग 2 का पद खांड का चैप्टर 5 भारतमाता का ऑब्जेक्टिव क्वेश्चन आंसर दिया गया है तथा भारतमाता का मॉडल पेपर भी यहां वेबसाइट पर आपको मिल जाएगा | कक्षा 10 हिंदी (गोधूलि भाग 2 काव्य खण्ड) पाठ -5 भारतमाता Subjective

 कवि परिचय
⇒ सुमित्रानंदन पंत का जन्म 1980 में उत्तराखंड के जिले आलमोड़ा में हुआ था
 उनकी माता का नाम सरस्वती देवी और पिता का नाम गंगाधर पंत था ।
 जन्म के 6 घंटे बाद ही कवि के मां की मृत्यु हो गई थी ।
 सुमित्रानंदन पन्त को सुकुमार कवि भी कहते हैं ।
 पंतजी छायावादी, मानवतावादी एवं प्रकृति के प्रिय कवि थे।
 उनका अंतिम काव्य’ लोकयतन’ है ।
 पन्त जी ने आलोचना, कहानी, उपन्यास आदि लिखा है ।
 काव्य चिदंबरा के लिए सुमित्रानंदन पंत को भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला था।
 भारत माता कविता काव्य संग्रह ‘ ग्राम्या’ से लिया गया है
उनकी प्रमुख कविताएंउच्छवास, पल्लव, वीणा, ग्रंथि, गुंजन, युगांत युगवाणी, ग्रामया स्वर्णधूली स्वर्णकिरण युगपथ, चिदंबरा आदि हैं।


1-भारतमाता अपने ही घर में प्रवासिनी क्यों बनी हुई है ?
उत्तर – भारतमाता अपने ही घर में प्रवासिनी बनी हुई है क्योंकि इनके सामने भारतीय लोगों पर अंग्रेज अत्याचार कर रहे और यह चुपचाप देख रही है। जैसे कोई प्रवासी या मेहमान किसी दूसरे के घर पर चुपचाप देखता है।


2- कविता में कवि भारतवासियों का कैसा चित्र खींचता है ?
उत्तर – कवि सुमित्रानंदन पंत के अनुसार भारत के 30 करोड लोग फटे पुराने वस्त्र पहने हैं आधा पेट भोजनकरते हैं | वह शोषित, बिना वस्त्र के, मूर्ख और असभ्य शिक्षित हैं। वे अंग्रेजों के सामने नतमस्तक हैं और वृक्ष के नीचे निवास करने के लिए मजबूर हैं।


3 – भारतमाता का हास भी राहुग्रसित क्यों दिखाई पड़ता है ?
उत्तर भारतमाता का हास भी ग्रसित दिखाई पड़ता है क्योंकि भारतमाता पर ऊगे स्वर्ण जैसे फसल को अंग्रेजों के पैरों तले कुचला जा रहा है।


4-कवि भारतमाता को गीता प्रकाशनी मानकर भी जान मूढ क्यों कहता है ?
उत्तर- भारत विश्व के सबसे महत्वपूर्ण ग्रंथों में से एक ग्रंथ ‘गीता’ को प्रकाशित करने वाला देश है परंतु वर्तमान में यही के लोग मूढ (मुर्ख ) और असभ्य हैं। इसलिए कवि भारतमाता को गीता प्रकाशिनी मानकर भी मूढ़ कहा है ।


5 – कवि की दृष्टि में आज भारत का तप संयम क्यों सफल है ?
उत्तर -कवि को आज भारतमाता का तप संयम सफल होता हुआ दिख रहा है क्योंकि उसे ऐसा लगता है कि गांधीजी भारत माता का अहिंसा रूपी दूध पीकर लोगों को अंग्रेजों से बचाने आए हैं ।

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