Jeet Jeet mai Nirkhat Hu Subjective Question Answer

Jeet Jeet mai Nirkhat Hu

 : दोस्तों यहां पर आपको मैट्रिक परीक्षा 2023 के लिए हिंदी गोधूलि भाग 2 का जित-जित मैं निखरत हूँ पाठ का महत्वपूर्ण ऑब्जेक्टिव प्रश्न दिया हुआ है जो क्लास 10th बोर्ड परीक्षा के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है Jeet Jeet mai Nirkhat Hun Subjective

लेखक परिचय:– इस पाठ के लेखक बिरजू महाराज का जन्म लखनऊ की सातवीं पीढ़ी में हुआ था
महत्वपूर्ण बिन्दुं:-
इन्हें 8 वर्ष में ही पहली बार पुरस्कार मिला था ।
 बिरजू महाराज साढ़े 9 वर्ष के थे जब उसकी पिता की मृत्यु हो गई थी ।
 बिरजू महाराज की तीन बहने थी ।
 छोटी बहन उससे 8 वर्ष की बड़ी थी ।
बड़ी बहन उससे 15 वर्ष बड़ी थी ।
इनके चाचा का नाम शम्भू था |

बिरजू महाराज को दो प्रोग्राम करने पर ₹500 मिले थे |
बिरजू महाराज के शागिर्द शाश्वती थी ।
बिरजू महाराज अपना गुरु पिताजी को मानते थे ।⇔
 बिरजू महाराज अपना जज अम्मा को मानते थे ।
बिरजू महाराज को उसके पिताजी ने गांडा बांधा था ।


1) लखनऊ और रामपुर से बिरजू महाराज का क्या संबंध है ?
उत्तर- लखनऊ और रामपुर से बिरजू महाराज का गहरा संबंध था क्योंकि उनकी तीनों बहनों का जन्म रामपुर में एवं बिरजू महाराज का जन्म लखनऊ में हुआ था बिरजू महाराज का भी कई बार लखनऊ आना-जाना होता था।


2) किन के साथ नाचते हुए बिरजू महाराज को पहली बार प्रथम पुरस्कार मिला ?
उत्तर- मात्र 8 वर्ष की आयु में बिरजू महाराज को प्रथम पुरस्कार मिला था जब वे अपने पिताजी और चाचा के साथ नाच रहे थे।


3) बिरजू महाराज के गुरु कौन थे? उनका संक्षिप्त परिचय दें।
उत्तर- बिरजू महाराज के गुरु उनके पिता जी ही थे। उन्हीं से बिरजू महाराज ने नृत्य सीखा था । बिरजू महाराज के पिता एक नर्तक थे । वह स्वभाव से बहुत ही अच्छे आदमी थे। वे अपना सुख दुःख दूसरों के साथ साझा नहीं करते थे।


4) बिरजू महाराज ने नृत्य की शिक्षा किससे और कब देनी शुरू की ?
उत्तर – बिरजू महाराज ने नृत्य शिक्षा सीताराम बांग्ला नाम के एक लड़के को देनी शुरू की जब बिरजू महाराज हाई स्कूल में पढ़ते थे ।


5) बिरजू महाराज कौन-कौन से वाद्य यंत्र बजाते थे ?
उत्तर – बिरजू महाराज तबला, शहनाई, हारमोनियम, गिटार इत्यादि वाद्य यंत्र बजाते थे ।


6) अपने विवाह के बारे में बिरजू महाराज क्या बताते हैं ?
उत्तर- बिरजू महाराज अपने विवाह के बारे में बताते हैं कि उनका विवाह मात्र 18 वर्ष की आयु में हो गई थी जिसे वह उचित नहीं बताते हैं ।


7) बिरजू महाराज की अपनी शागिर्द के बारे में क्या राय है ?
उत्तर – बिरजू महाराज अपने शागिर्द के रूप में शाश्वती नाम की लड़की बताते हैं
–आप की प्रमुख रचनाएं – एक पतंग अनंत में, थोड़ी सी जगह, फिलहाल इत्यादि हैं।


 

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