लोकतंत्र की चुनौतिया Loktantra Ki Chunaoutiya Subjective 2023

    Loktantra Ki Chunaoutiya Subjective

  अति लघु उत्तरीय प्रश्न 

प्रश्न-1. लोकतंत्र जनता का, जनता के द्वारा तथा जनता के लिए शासन है । कैसे?
उत्तर:- लोकतंत्र में जनता चुनाव के माध्यम से अपने प्रतिनिधियों को चुनकर सरकार का निर्माण करती है । प्रतिनिधियों सरकार जनता को का जनता होता के हैं,बीच जनता से चुने के द्वारा जाते चुनाव हैं अर्थात के माध्यम से चुने जाते हैं और जनता के लिए शासन का निर्माण किया 


प्रश्न-2. केंद्र और राज्य सरकारों के बीच आपसी टकराव से लोकतंत्र कैसे प्रभावित होता हैं?
उत्तर:- केंद्र और राज्य सरकारों के बीच आपसी टकराव से लोकतंत्र पर गहरा प्रभाव पड़ता है । जो निम्नलिखित हैं ।
(i) लोकतंत्र का विकास धीमी हो जाती है ।
(ii) राजनीतिक अस्थिरता उत्पन हो जाती है ।
(iii) विभिन्न विकासात्मक कार्य रुक जाती है ।
(iv) देश की एकता एवं अखंडता भंग होने लगती है ।


प्रश्न-3. परिवारवाद क्या हैं?
उत्तर:- अधिकांश राजनीतिक दल एवं उनके नेताएं अपने परिवार एवं सगे- संबंधियों को बिना किसी आधार के टिकट देंकर राजनीति में लाने का प्रयास करता है जिसे परिवारवाद कहते है । ऐसे में अयोग्य एवं आपराधिक लोकके लोग ऊंचे पदों पर बैठे रहते हैं । इसका इसका लोकतंत्र पर बुरा प्रभाव पड़ता हैं ।


प्रश्न-4. आर्थिक अपराध क्या है?
उत्तर:- अर्थ से संबंधित अपराध को आर्थिक अपराध कहा जाता है । इसके अंतर्गत आता है:- विदेशी विदेशी मुद्रा बैंकों का अवैध आगमन, घूसखोरी, करों की चोरी, में भारतीयों द्वारा । जमा राशि एवं पदाधिकारीयों में मौजूद भ्रष्टाचार


प्रश्न-5. सूचना का अधिकार कानून लोकतंत्र का रखवाला है । कैसे?
उत्तर:- सूचना का अधिकार कानून के अंतर्गत जनता को यह अधिकार होता है कि वह सरकार द्वारा चलाए जा रहे विकासात्मक कार्य के बारे में सूचना प्राप्त कर सकता है ताकि कार्य में हो रहे धांधली को रोका जा सके । इसे देश ओर भी तीव्र गति से विकास करेगा ।अतः सूचना का अधिकार कानून लोकतंत्र का रखवाला है ।


              लघु उत्तरीय प्रश्न 

प्रश्न-1. लोकतंत्र से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:- लोकतंत्र में शासन जनप्रतिनिधियों द्वारा किया जाता है और इसे जनता के बीच से तथा जनता के द्वारा का चुने निर्माण जाते हैं करता । यह जनप्रतिनिधियाँ है । इस प्रकार लोकतंत्र जनता के लिए शासन एक ऐसी शासन व्यवस्था है जिसमें जनता अपनी मर्जी से सरकार को चुन सकता है ।


प्रश्न-2. गठबंधन की राजनीति कैसे लोकतंत्र को प्रभावित करती है?
उत्तर:- गठबंधन की राजनीति में कई राजनीतिक दल मिलकर सभी राजनीतिक सरकार बनाती बलों का है । नीति ऐसे सरकार एवं उद्देश्य में शामिल अलग अलग होता हैं । इन उद्देश्यों और नीतियों को पूरा करने के लिए सभी राजनीतिक दल सरकार पर दबाव बनाती है जिससे लोकतंत्र प्रभावित होता है ।


प्रश्न-3. नेपाल में किस प्रकार की शासन व्यवस्था है लोकतंत्र की स्थापना में वहां क्या-क्या बाधाएं है?
उत्तर:- नेपाल में पुरानी राजतंत्र को खत्म कर वहां लोकतंत्र शासन व्यवस्था का स्थापना किया गया है । नेपाल में एक सफल लोकतंत्र की स्थापना में बाधाएं:- अशिक्षा, लोकतंत्र के प्रति जनता का उदासीनता गरीबी जनता का जागरूक न होना आदि


प्रश्न-4. क्या शिक्षा का अभाव लोकतंत्र के लिए चुनौती है?
उत्तर:- हाँ,शिक्षा का अभाव लोकतंत्र के लिए चुनौती है । शिक्षा के माध्यम से ही नागरिकों में जागरूकता लाया जा सकता है । एक शिक्षित व्यक्ति अपने कर्तव्यों और अधिकारों के प्रति जागरूक रहता है तथा योग्य सरकार का चुनाव करता है । अतः हम कह सकते है कि शिक्षा का अभाव लोकतंत्र के लिए चुनोती है ।


प्रश्न-5. आतंकवाद लोकतंत्र के लिए चुनौती है कैसे?
उत्तर:- आतंकवाद लोकतंत्र अखंडता के लिए बहुत बड़ी चुनौती है । यह देश की किसी एकता और आतंकवादी के लिए बहुत ही खतरनाक है । भी लोकतंत्र में दुर्घटनाओं के होने से वहाँ के विकासात्मक कार्यों उत्पन्न या जनकल्याण योजनाओं को चलाने में कठिनाई होती है और विकास की प्रक्रिया थम जाती है या धीमी हो जाती है 


             दीर्घ उत्तरीय प्रश्न 

प्रश्न-1. भारतीय राजनीति में लोकतंत्र की कौन-कौन सी चुनौतियां है?विवेचना करें ।
उत्तर:- भारतीय लोकतंत्र में निम्नलिखित चुनौतियां हैं ।
(i) शिक्षा का प्रसार करना:- लोकतंत्र को सफल तभी बनाया जा सकता तक है जब शिक्षा का प्रसार समाज के सभी वर्गों wr हो एवं लोगों में जागरूकता आए ।
(ii) जातिवाद की भावना का अंत:- लोग विकास के आधार पर वोट नहीं देता बल्कि जाति या धर्म के आधार पर वोट देने में विश्वास रखता है । इसलिए जातिवाद की भावना को अंत करने की आवश्यकता है ।
(iii) विभिन्न असमानताओं का अंत:- भारत केवल
जाति के आधार पर ही नहीं बल्कि आर्थिक, सामाजिक,क्षेत्र आदि आधार पर भी कई वर्गों में विभाजित है जिससे राष्ट्रीय एकता कायम नहीं हो पाता । इसे भी समाप्त करने की आवश्यकता है ।
(iv) सत्ता में भागीदारी बनाना:- भारतीय लोकतंत्र के
विकास के लिए सत्ता में सभी वर्गों का भागीदारी होना चाहिए ।


प्रश्न-2. बिहार की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी लोकतंत्र के विकास में कहां तक सहायक हैं?
उत्तर:- बिहार की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बहुत ही कम है । इसका सबसे बड़ा कारण अशिक्षा है । आज ग्रामीण महिलाओं के विकास एवं इन्हें राजनीति व्यवस्था में भागीदार के अंतर्गत बनाने के 50 लिए% सीटें सरकार आरक्षित ने नई करने पंचायती का प्रावधान किया है । नहीं जब तक महिलाएं राजनीति में भागीदारी होगी तब तक उन समस्याओं में ध्यान देना कठिन होगा जो महिलाओं तथा बाल विकास से संबंधित है । इनकी भागीदारी से इन समस्याओं का समाधान आसानी से हो पाएगा और बिहार इस के प्रकार विकास बिहार का की एक राजनीति नया दौर में का शुरुआत होगा । इस प्रकार बिहार की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी सर्वाधिक महत्वपूर्ण है जिससे बिहार ओर भी तेजी से विकास कर पाएगा ।


प्रश्न 3. आतंकवाद लोकतंत्र की चुनौती है। कैसे ? अथवा, क्या आतंकवाद लोकतंत्र की चुनौती है ? स्पष्ट करें।
उत्तर- आतंकवाद की समस्या भी लोकतंत्र के लिए चुनौती है, क्योंकि इससे देश की एकता और अखंडता खतरे में पड़ जाती है। आतंकवाद की समस्या आज विश्व के हरेक देशों में कुछ-न-कुछ दिखाई पड़ता है। आतंकवाद के कारण देश का विकास अवरुद्ध हो जाता है । अतः, आज जरूरत है कि इस समस्या से निपटारा के लिए संकीर्ण दलीय राजनीति से ऊपर उठकर इसे हल करने में। आतंकवाद की से समस्या आज के लोकतांत्रिक देशों की गंभीर चुनौती है।


प्रश्न 4. अशिक्षा लोकतंत्र के लिये अभिशाप है, कैसे ? अथवा, शिक्षा का अभाव लोकतंत्र के लिए चुनौती है ? स्पष्ट करें। अथवा, क्या शिक्षा का अभाव लोकतंत्र के लिए एक चुनौती हैं ?
उत्तर शिक्षा का अभाव लोकतंत्र के लिए एक गंभीर चुनौती है। शिक्षा विशेषकर राजनीतिक शिक्षा के अभाव में कोई भी नागरिक अपने लोकतांत्रिक अधिकारों से अनभिज्ञ रहता है । नागरिकों का शिक्षित होना स्वस्थ लोकतंत्र के विकास में महत्त्वपूर्ण होता है । विशेषकर महिलाओं को शिक्षित करना अति आवश्यक है । राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत महिलाओं में निरक्षरता दूर करने, शिक्षा में आनेवाली बाधाओं के निराकरण करने तथा उन्हें प्रारंभिक शिक्षा में बनाए रखने के लिए सर्वाधिक प्राथमिकता सरकार की ओर से दी जा रही है। जब तक किसी देश के नागरिक चाहे वह पुरुष हो या महिला अशिक्षित रहेंगे, कोई भी देश अपने यहाँ विकसित लोकतंत्र की स्थापना नहीं कर सकता। इस कारण हम कह सकते हैं कि शिक्षा का अभाव लोकतंत्र की एक गंभीर चुनौती में से एक है।


प्रश्न 5. भारत में किस तरह की जातिगत असमानताएँ हैं ? स्पष्ट करें।
उत्तर—भारतीय संविधान में कहा गया है कि भारत में लिंग, जन्म-स्थान, जाति, धर्म इत्यादि के आधार पर किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाएगा। इसी उद्देश्य से अस्पृश्यता का अंत कर दिया गया है। इतना होने पर भी भारत में आज भी कई जातिगत असमानताएँ वर्तमान हैं- (i) जाति का आधार कर्म न होकर जन्म हो गया है। (ii) जाति-पाति का भेदभाव समाप्त नहीं हुआ है। अस्पृश्यता जैसे आचरण आज भी प्रचलित हैं। (iii) राजनीतिक दलों द्वारा टिकट का बँटवारा भी जाति के आधार पर ही हो रहा है।


 

Leave a Comment

error: Content is protected !!