लोकतंत्र में प्रतिस्पर्धा एवं संघर्ष Loktantra Me Pratiaspardha Ewang Sangharsh Subjective 2023

Loktantra Me Pratiaspardha Ewang Sangharsh

   लघु उत्तरीय प्रश्न 

प्रश्न-1. बिहार में हुए’छात्र आंदोलन’ के प्रमुख कारण क्या थे?
उत्तर:- बिहार में 1974 ई में हुए छात्र आंदोलन के प्रमुख कारण निम्नलिखित है ।
(i) कई वर्षों से देश की सामाजिक, आर्थिक दशाओं में कोई सुधार नहीं होना ।
(ii) तेल की कीमतों बेरोजगारी और भ्रष्टाचार आदि मामलों में वृद्धि होना ।
(ii) खाद्यान्नों में कमी और किसानों की स्थिति दयनीय होना ।
(iv) बांग्लादेश से आए शरणार्थियों के चलते अर्थव्यवस्था का कमजोर होना ।


प्रश्न-2. चिपको आंदोलन के मुख्य उद्देश्य क्या थे?
उत्तर:- चिपको आंदोलन का मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित थे ।
(i) ठेकेदारों द्वारा वनों को कटने से बचाना ।
(ii) वन्यजीवों का रक्षा करना ।
(iii)ठेकेदारों द्वारा किया जाने वाला शोषण से मुक्ति पाना ।


प्रश्न-3. स्वतंत्र राजनीतिक संगठन कौन होता हैं?
उत्तर:- स्वतंत्र राजनीतिक संगठन ऐसे संगठनों को कहते हैं जो राजनीतिक दलों से अलग रहता है । ऐसे संगठन अपने उद्देश्य को पूरा करने के लिए अपने जनता उद्देश्यों को एकजुट करता है । कभी-कभी ऐसे संगठन को पूरा करने के लिए आंदोलन करके सरकार पर दबाव बनाता है । जैसे- मजदूर संघ, छात्र संघ आदि ।


प्रश्न-4. भारतीय किसान यूनियन की मुख्य मांगे क्या थी?
उत्तर:- भारतीय किसान यूनियन की मुख्य मांगे निम्नलिखित थी ।
(i) गन्ना और गेहूं के सरकारी मूल्यों में बढ़ोतरी करना ।
(ii) कृषि संबंधित उत्पादों का एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने पर लगा
(iii) उचित दर पर गारंटी युक्त बिजली उपलब्ध कराना आदि


प्रश्न-5. सूचना के अधिकार आंदोलन का मुख्य उद्देश्य क्या थे?
उत्तर:- सूचना के अधिकार आंदोलन का शुरुआत राजस्थान के भीम तहसील नाम काम के क्षेत्र से हुआ था  ग्रामीणों जिसका को मुख्य दी उद्देश्य जाने वाली इस क्षेत्र वेतन में करने वाले एवं भुगतान का बिल प्रशासन से ग्रामीणों को प्राप्त करना था । क्योंकि ग्रामीणों को लग रहा था कि उसे दी जाने वाली मजदूरी में काफी घपला हो रहा है ।


प्रश्न-6. राजनीतिक दल की परिभाषा दें ।
उत्तर:- राजनीतिक दल लोगों का एक ऐसा संगठन है जिसका उद्देश्य सत्ता को प्राप्त करना या सत्ता को प्रभावित करना होता है । अपने उद्देश्य को पूरा करने के लिए सभी राजनीतिक दल अपनी अपनी नीतियों और कार्यक्रमों को तैयार करती हैं । जब कोई राजनीतिक सत्ता को प्राप्त नही कर पाती है तो वे जनता के समस्याओं को उजागर कर सरकार के सामने रखती है


प्रश्न-7. किस आधार पर आप कह सकते हैं कि राजनीतिक दल जनता एवं सरकार के बीच कड़ी का
काम करता है?
उत्तर:- राजनीतिक दल जनता की समस्याओं और आवश्यकताओं को सरकार के सामने रखती है तथा सरकार के कल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों को जनता तक पहुंचाने का काम करती है । इस प्रकार कह सकते हैं कि राजनीतिक दल सरकार एवं जनता के बीच कड़ी का काम करता है ।


प्रश्न-8. दल बदल कानून क्या हैं?
उत्तर:- विधायकों और सांसदों(MLA तथा MP) को एक राजनीतिक दल से दूसरे राजनीतिक दल में जाने से रोकने के लिए संविधान में संशोधन करके कानून बनाया हैं । इस गया कानून हैं । इसी को सख्ती कानून से को लागू दल करना बदल चाहिए कानून ताकि कहते ऐसे दल बदल करने वालों पर उचित कार्यवाही हो 


प्रश्न-9. राष्ट्रीय राजनीतिक दल किसे कहते हैं?
उत्तर:- चुनाव आयोग द्वारा राष्ट्रीय राजनीतिक दल की मान्यता उस दल को दी जाती है जो
(i) लोकसभा या विधानसभा के चुनाव में 4 या उससे अधिक राज्यों से कुल वैध मतों का कम से कम 6% प्राप्त करें साथ ही साथ 
(ii) लोकसभा चुनाव में कम से कम 2% या 11 सीटें प्राप्त करता हो ।


  दीर्घ उत्तरीय प्रश्न 

प्रश्न- 1.”जनसंघर्ष से लोकतंत्र मजबूत होता है ।”क्या आप इस कथन से सहमत हैं?अपने पक्ष में उत्तर दें ।
उत्तर:- “जनसंघर्ष से लोकतंत्र मजबूत होता है ।”मैं
इस बात से सहमत हूँ । लेकिन कभी कभी इसका फैसला बुरा आम प्रभाव भी पड़ता है । किसी भी लोकतंत्र में आदमी के सहमति से लिया जाता है । यदि सरकार फैसला लेने में जनता का अनदेखी करते है तो ऐसे फैसलों के खिलाफ जनसंघर्ष होने लगता है जिससे सरकार के प्रति लोगों का विश्वास कम होने लगता है ।रोकता है । जनसंघर्ष जनता सरकार को तानाशाही होने से अपने समस्याओं का समाधान जनसंघर्ष के माध्यम से एकजुट होकर आंदोलन, धरना आदि द्वारा सरकार पर दबाव बनाकर करते है । कभी कभी इस तरह के संघर्षों का समाधान संसद या न्यायालयों द्वारा किया जाता है । इस प्रकार जन संघर्ष के दबाव के कारण सरकार को जनता के हितों का पूरा  पूरा ख्याल रखना पड़ता है ।


प्रश्न-2. किस आधार पर आप कह सकते हैं कि बिहार से शुरू हुआ’छात्र आंदोलन’ का स्वरूप राष्ट्रीय हो गया ।
उत्तर:- बिहार का छात्र आंदोलन जयप्रकाश नारायण कांग्रेस के नेतृत्व में हुआ था । यह आंदोलन तत्कालीन सरकार के खिलाफ एक जन संघर्ष था जो बाद में राजनीति रूप ले लिया । इस आंदोलन से आंदोलन प्रेरित होकर राष्ट्र के अन्य राज्यों में भी आंदोलन हुए । के दौरान जयप्रकाश नारायण ने बिहार से कांग्रेस सरकार को बर्खास्त करने की मांग करने लगे । तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने 


प्रश्न-3.निम्नलिखित कथनों को पढ़ें और अपने पक्ष में उत्तर दें
(क) क्षेत्रीय भावना लोकतंत्र को मजबूत करती है ।
उत्तर:- क्षेत्रीय भावना लोगों का क्षेत्र के प्रति प्रेम को
दर्शाता है । ये BU भावना लोगों जब किसी को क्षेत्र क्षेत्र के के आधार सामने पर कोई एकजुट भी करता हैं ।समस्या आता है तो क्षेत्रीय भावना के कारण लोग एकजुट होकर समस्या का सामना करता है । इस प्रकार क्षेत्रीय भावना लोकतंत्र को मजबत करता है ।
(ख) दबाव समूह स्वार्थी तत्वों का समूह है । इसलिए इसे समाप्त कर देना चाहिए ।
उत्तर:- दबाव समूह अपने व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए सरकार के सामने अपनी मांगों को मनवाने के लिए दबाव पड़ता डालता है और है नहीं । मजबूरन मानने पर सरकार जन संघर्ष को इसे उत्पन्न मानना हो जाता है । इससे राष्ट्रीय हितों को धक्का लगता है । 
(ग) जनसंघर्ष लोकतंत्र का विरोधी है ।
उत्तर:- जन संघर्ष कभी-कभी देश के विकासात्मक कार्यों की स्थिति में बाधा में देश डालती का बहुत है । जन नुकसान संघर्ष होता के हिंसात्मक होने है । यह देश को विखंड की ओर ले जाता है । अतः जनसंघर्ष लोकतंत्र का विरोधी है ।
(घ) भारत में लोकतंत्र के लिए आंदोलन में महिलाओं की भूमि का नगण्य हैं।
उत्तर:महिलाओं में उच्च शिक्षा और राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के कारण राष्ट्रीय आंदोलन में इनकी भूमिका नगण्य हैं। भारतीय समाज के और रूढ़िवादी विचारधाराओं के कारण भी आंदोलन में उनकी भूमिका नगण्य हैं।


प्रश्न-4. राजनीतिक दल को लोकतंत्र का प्राण क्यों कहा जाता हैं?
उत्तर:- राजनीतिक दल को लोकतंत्र का प्राण इसलिए कहा जाता है क्योंकि लोकतंत्र में सरकार को जनता के द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों द्वारा चलाया जाता है। यह प्रतिनिधि किसी न किसी राजनीतिक दल के सदस्य होते हैं। जनता भी किसी न किसी राजनीतिक सदस्य होते हैं। जनता भी किसी न किसी राजनीतिक
दल पर विश्वास करता है और उनके नीतियों एवं विचारों का समर्थन भी करते हैं। यदि राजनीतिक दल नहीं हो तो लोकतंत्र के अंतर्गत प्रतिनिधित्व सरकार का निर्माण करना संभव नहीं है। जनता की समस्याओं को सुनने वाला भी कोई नहीं होगा।  लोकतंत्र में राजनीतिक दल का महत्व इसलिए भी है क्योंकि राजनीतिक दल सरकार द्वारा चलाए जाने वाले योजनाओं को जनता तक पहुंचाता है और जनता के विभिन्न समस्याओं को सरकार के सामने रख कर इन समस्याओं को समाधान करने का प्रयास भी करता हैं।


प्रश्न-5. राजनीतिक दल राष्ट्रीय विकास में किस प्रकार योगदान करते हैं?
उत्तर:- किसी भी देश का विकास वहां के राजनीतिक दलों की स्थिति पर निर्भर करता है। राजनीतिक दलों में विभिन्न जाति, धर्म, क्षेत्र आदि के सदस्य शामिल रहते हैं। यह सभी सदस्य अपनी-अपनी जाति, धर्म और क्षेत्र के समस्याओं को सरकार के सामने रखकर इन हैं। यह सभी सदस्य अपनी-अपनी जाति, धर्म और
क्षेत्र के समस्याओं को सरकार के सामने रखकर इन समस्याओं को समाधान करने का प्रयास करता रहता है। किसी तरह का विवाद उत्पन्न होने पर यह सभी सदस्य तत्काल समाधान कर लेते हैं जिससे देश में शांति एवं एकता कायम रहता है। राजनीतिक दलों का राष्ट्रीय विकास में  राजनीतिक दलों का राष्ट्रीय विकास में इसलिए भी महत्वपूर्ण योगदान है कि प्राकृतिक आपदाओं जैसे भूकंप, सुनामी, बाढ़ आदि संकट के दौरान राजनीतिक दल जनता का सहायता भी करता हैं।


 प्रश्न-6.राजनीतिक दल के प्रमुख कार्य बताएं।
उत्तर:- राजनीतिक दलों के प्रमुख कार्य निम्नलिखित है।
(i) नीतियों एवं कार्यक्रम तय करना :- इन्हीं नीतियों एवं कार्यक्रमों के आधार पर राजनीतिक दल चुनाव लड़ता है।शासन का संचालन:- सत्ता में आने के बाद  राजनीतिक दल का दायित्व होता हैं सत्ता का संचालन सुचारू ढंग से करना ।
(iii) चुनाव लड़ना:- सत्ता प्राप्त करने के लिए सुचारू ढंग से चुनाव लड़ना।
(iv) दलीय आई- प्रत्येक राजनीतिक दल कुछ दल से  संबंधित कार्यों को भी करता है।
(v) राजनीतिक प्रशिक्षण देना:- अपने कार्यकर्ताओं को चुनाव लड़ने से संबंधी प्रशिक्षण भी देता हैं।
 (vi) सरकार एवं जनता के बीच मध्यस्थ स्थापित करना: राजनीतिक दल सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाता है और जनता के समस्याओं को सरकार के सामने रखकर सरकार एवं जनता के बीच मध्यस्थ स्थापित करता है
(vii) अन्य कार्य- कुछ गैर राजनीतिक कार्यों को भी कहलाता है आदि | 


प्रश्न-7. राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दल को मान्यता कौन प्रदान करता है और इसके क्या मापदंड हैं?
उत्तर:राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दल को चुनाव आयोग मान्यता प्रदान करता है। चुनाव आयोग द्वारा इन्हें राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दल की मान्यता देने का मापदंड निम्नलिखित हैं।
राष्ट्रीय राजनीतिक दल का मापदंड:- यह मान्यता उस उस दल को मिलता है जो
(i) लोकसभा या विधानसभा के चुनाव में डाले गए वैध मतों का कम से कम 6% मत प्राप्त करता है साथ ही साथ
(ii) राज्य विधानसभा की कम से कम 3% या 3 सीटों पर जीत दर्ज करता हो

Leave a Comment

error: Content is protected !!