Ram Binu Birthe Jagi Janma Subjective Question Answer 2023

Ram Binu Birthe Jagi Janma

अगर आप कक्षा 10 के छात्र हैं और मैट्रिक परीक्षा 2023 की तैयारी कर रहे हैं तो यहां पर आपको कक्षा 10 हिंदी काव्य खंड का राम नाम बिनु बिरथे जगि जनमा का सब्जेक्टिव क्वेश्चन नीचे दिया गया है। जो कि आपके मैट्रिक परीक्षा 2023 के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। इसलिए शुरू से अंत तक जरूर पढ़ें। और आपको इस वेबसाइट पर

1.राम नाम बिनु बिरथे जगि जनमा, जो नर दुख में दुख नहीं मानै
लेखक परिचय
इस पाठ के कवि गुरु नानक जी का जन्म 1459 ई० में तलवंडी, ग्राम जिला
लाहौर में हुआ था | इसके जन्म स्थान को ननकाना साहब के नाम से जाना जाता है जो वर्तमान में पाकिस्तान में है।
आप की प्रमुख रचनाएं- जपुजी, आसादीवार, रहिरास और सोहिला इत्यादि हैं।
इनके पिता का नाम कालू चंद खत्री था ।
⇒माता का नाम तृप्ता एवं पत्नी का नाम सुलक्ष्मी था।
 गुरु नानक जी के पिता उन्हें व्यापारी बनाना चाहते थे।
 उन्होंने निर्गुण ब्रह्म का प्रचार किया ।
उन्होंने सिख धर्म की स्थापना की ।
इनकी मुलाकात मुगल सम्राट बाबर से हुई थी।
 वह हिंदी, पंजाबी एवं वज्र भाषा इत्यादि के जानकार थे
सन 1939 में गुरु नानक देव जी ‘वाहेगुरु ‘कहते हुए अपने प्राण त्याग दिए ।
 इनकी रचनाओं का संग्रह सिख धर्म के पाचवें गुरु गुरु अर्जुन देव ने 1604 ई0 में किया।
 जो गुरु ग्रंथ साहब के नाम से प्रसिद्ध है।
 सिख धर्म में कुल 10 गुरु हुए हैं ।
 जिनमें प्रथम गुरु गुरु नानक देव जी एवं दसवें गुरु गुरु गोविंद सिंह जी थे |
⇒10 गुरुओं के बाद गुरु ग्रंथ साहब को ही गुरु माना जाता है।


1- कवि किसके बिना जगत में यह जन्म व्यर्थ मानता है ?
उत्तर – कवि गुरु नानक देव राम नाम के बिना जगत में यह जन्म व्यर्थ मानता है।


2 – वाणी कब विष के समान हो जाती है?
उत्तर- जब मनुष्य राम नाम को छोड़कर कोई अन्य शब्द बोलता है तो उसकी वाणी विष के समान हो जाती है ।


3 – नाम- कीर्तन के आगे कभी किन कर्मों की व्यर्थता सिद्ध करता है ?
उत्तर -कवि गुरु नानक देव जी कमंडल लेकर घूमना, बड़े-बड़े केस रखना, शरीर में भस्म लगाना, तीर्थ स्थानों का भ्रमण करना आदि कर्मों को राम नाम के आगे व्यर्थ बताता है ।


3 – हरिरस से कवि का अभिप्राय क्या है ?
उत्तर- कवि गुरु प्रसाद को हरिरस कहते हैं।


4 – कवि की दृष्टि में ब्रह्म का निवास कहां है ?
उत्तर- वैसे मनुष्य जिसमें काम और क्रोध ना हो उनके हृदय में ब्रह्म का निवास होता है ।


Q – गुरु की कृपा से किस की युक्ति की पहचान हो पाती है?
उत्तर- गुरु नानक देव जी के अनुसार गुरु की कृपा से राम नाम की युक्ति की पहचान हो पाती है।


 

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