Swadeshi Objective Question Answer

Swadeshi

दोस्तों आपको इस पेज में क्लास 10th हिंदी गोधूलि भाग 2 का पद खांड का चैप्टर 4 स्वदेशी का ऑब्जेक्टिव क्वेश्चन आंसर दिया गया है तथा स्वदेशी का मॉडल पेपर भी यहां वेबसाइट पर आपको मिल जाएगा || कक्षा 10 हिंदी (गोधूलि भाग 2 काव्य खण्ड) पाठ – 4 स्वदेशी Subjective Question 2023

4. स्वदेशी

कवि परिचय

कवि प्रेमधन का जन्म 1855 ई0 में उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में हुआ था।
 प्रेमधन भारतेंदु युग के महत्वपूर्ण कवि थे ।
प्रेमघन का पूरा नाम बद्रीनारायण चौधरी था ।
 इनका निधन 1922 में उत्तर प्रदेश में हुआ था।
 प्रेमधन भारतेंदु हरिश्चंद्र को अपना आदर्श मानते थे ।
 उन्होंने 1874 ई० में उन्होंने मिर्जापुर में आरक्षित समाज की स्थापना की।
 उन्होंने आनंद कादंबिनी मासिक पत्रिका तथा नागरी नीरद नामक साप्ताहिक पत्र का संपादन किया ।
 उनकी रचनाओं का संग्रह प्रेमघन स्वरस है।
 उनका प्रसिद्ध नाटक भारत सौभाग्य, प्रयाग रामागमन है: → प्रेमधन ने काव्य रचना अधिकांशतः व्रजभाषा और अवधि में की है।


1-कवि को भारत में भारतीयता क्यों नहीं दिखाई पड़ती ?
उत्तर – कवि प्रेमधन जी को भारत में भारतीयता नहीं दिखाई पड़ती है क्योंकि भारत के लोगों का स्वभाव लगाव और उनके रहन-सहन विदेशी हो गए हैं। वे अधिकतर विदेशी वस्तुओं का उपयोग कर रहे हैं ।


2 – कवि समाज के किस वर्ग की आलोचना करता है और क्यों
उत्तर – प्रेमधन समाज के हिंदू वर्ग की आलोचना करते हुए कहते हैं कि कुछ लोग हिंदू होकर भी हिंदी भाषा नहीं बोल पाते हैं। वे अंग्रेजी भाषा बोलते हैं और अंग्रेजी वस्तुओं का ही उपयोग करते हैं ।


3 – नेताओं के बारे में कवि की क्या राय है ?
उत्तर -कवि प्रेमधन नेताओं पर व्यंग्य करते हुए कहते हैं कि जिन नेताओं से उनकी ढीली ढाली धोती नहीं संभलती वे देश का प्रबंध कैसे करेंगे ?


4 – कवि ने डफली किसे कहा और क्यों ?
उत्तर – कवि प्रेमघन वैसे लोगों को डफाली कहा जो लोगों की झूठी प्रशंसा करके चापलूसी करते हैं।

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